
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
लखनऊ। कोडीन कफ सिरप मामले में प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता ने मामले के गंभीरता को काफी बढ़ा दिया है। बताया जा रहा है कि कोडीन कफ सिरप मामले में आरोपी शुभम जायसवाल यूपी पुलिस के सिपाही रहे आलोक प्रताप सिंह, अमित सिंह टाटा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और उनसे मामले में पूछताछ चल रही है। वहीं इस मामले में हवाला और धन के अवैध लेनदेन को लेकर केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय भी सक्रिय हो गई है। आज पूरे तस्करी रैकेट के मास्टरमाइंड माने जा रहे शुभम जायसवाल को प्रवर्तन निदेशालय ने लखनऊ स्थित अपने दफ्तर तलब किया है।
हालांकि सूत्र यह भी बताते हैं कि वाराणसी खुफिया रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है कि कफ सिरप कनेक्शन में शख्स को दाऊद के नेटवर्क ने दुबई में पनाह दी है। वाराणसी में कफ सिरप तस्करी केस ने बड़ा मोड़ ले लिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी शुभम जायसवाल ने कफ सिरप की काली कमाई और बाहरी नेटवर्क की मदद से दाऊद गिरोह के संपर्क में आकर दुबई में पनाह ली। रिपोर्ट के अनुसार, वह अपनी कमाई का हिस्सा दुबई में निवेश करने की तैयारी में था।

इसी बीच मीरजापुर–जौनपुर बेल्ट में होल सेलरों द्वारा बिना रिकॉर्ड 2 लाख से अधिक कफ सिरप बेचने का खुलासा हुआ है। मेडिकल डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है और कई दुकानों पर एफआईआर व छापेमारी जारी है। अगर इस मामले में शुभम जायसवाल एजेंसी के सामने पेश नहीं होता है तो आने वाले समय में आरोपी शुभम जायसवाल और उससे जुड़े हुए लोगों की संपत्तियां की कुर्की भी की जाएगी।


