
-16 आधुनिक कोचों से सुसज्जित होगी अत्याधुनिक ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी आरामदायक स्लीपर सुविधा; केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव दिखाएंगे हरी झंडी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रहेंगे मौजूद
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी काशी को रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। वाराणसी से देश की राजधानी नई दिल्ली के बीच पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ 31 अक्टूबर को किया जाएगा। इस अत्याधुनिक ट्रेन के शुरू होने से काशी और दिल्ली के बीच रेल यात्रा पहले से अधिक सुविधाजनक और तेज होने की उम्मीद है। ट्रेन को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक और यात्री सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इसमें कुल 16 आधुनिक कोच होंगे, जिनमें यात्रियों के बैठने के बजाय आरामदायक शयन व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। खास बात यह है कि ट्रेन में यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आराम को प्राथमिकता देते हुए कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। इससे रात के समय लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है।
हर बर्थ पर चार्जिंग पॉइंट और रीडिंग लैंप की सुविधा
इस ट्रेन में यात्रियों की छोटी-छोटी जरूरतों का भी विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक बर्थ पर मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही पढ़ने के शौकीन यात्रियों के लिए व्यक्तिगत रीडिंग लैंप की व्यवस्था भी होगी। इससे रात के सफर में यात्रियों को दूसरों को परेशान किए बिना पढ़ने और अपने जरूरी काम करने की सुविधा मिलेगी।
वहीं, प्रथम वातानुकूलित श्रेणी के कोच में यात्रियों को हॉट-वॉटर शावर की विशेष सुविधा भी मिलेगी। यह सुविधा लंबी दूरी की यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने के उद्देश्य से दी जा रही है। आधुनिक स्लीपर व्यवस्था, बेहतर आंतरिक सज्जा और यात्री सुविधाओं के चलते यह ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनने की उम्मीद है।
8 से 9 घंटे में पूरा होगा वाराणसी से दिल्ली का सफर
बताया जा रहा है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से वाराणसी से नई दिल्ली के बीच की यात्रा लगभग 8 से 9 घंटे में पूरी की जा सकेगी। ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। इससे कारोबार, नौकरी, शिक्षा और अन्य जरूरी कार्यों से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को काफी सहूलियत मिलने की संभावना है। खासकर उन यात्रियों को इसका लाभ मिलेगा, जो रात में सफर करके सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचना चाहते हैं।
इस ट्रेन के शुभारंभ को पूर्वांचल और काशी के रेल विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वाराणसी पहले से ही देश के प्रमुख शहरों से रेल मार्ग के जरिए जुड़ा हुआ है। अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के संचालन से राजधानी दिल्ली के साथ काशी का संपर्क और अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।
रेलवे के इस नए प्रयास से न केवल यात्रियों को आधुनिक रेल यात्रा का अनुभव मिलेगा, बल्कि काशी आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और व्यापारियों को भी लाभ पहुंच सकता है। वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ काशी के रेल इतिहास में एक नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।




