
-24×7 निगरानी, बोट पेट्रोलिंग और वाटर एम्बुलेंस से लगातार सुरक्षा व्यवस्था; आपात स्थिति में त्वरित बचाव के लिए टीमें तैयार
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए 11वीं एनडीआरएफ, वाराणसी ने नदी क्षेत्र में सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया है। कमांडिंग ऑफिसर श्री अनूप सिंह बिष्ट के मार्गदर्शन में एनडीआरएफ की टीमें गंगा नदी क्षेत्र में 24×7 मुस्तैद रहकर नियमित बोट पेट्रोलिंग और सतत निगरानी कर रही हैं। टीमों द्वारा नदी के जलस्तर, जल प्रवाह और परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
वर्तमान में गंगा नदी का जलस्तर 65 मीटर दर्ज किया गया है और जलस्तर में लगभग 6 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से वृद्धि हो रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जन-सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नौका संचालन को अग्रिम आदेश तक स्थगित किया गया है। एनडीआरएफ की टीमें नदी क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर नाविकों, यात्रियों और आमजन को सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं।
एनडीआरएफ द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि जिला प्रशासन एवं जल पुलिस द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और नदी में अनावश्यक रूप से प्रवेश न करें। विशेष रूप से बढ़ते जलस्तर की स्थिति में घाटों एवं नदी के आसपास सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का पालन करने के लिए लोगों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
वाटर एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम भी 24×7 तैनात
किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए 11वीं एनडीआरएफ की मेडिकल टीम वाटर एम्बुलेंस के साथ 24×7 गंगा नदी क्षेत्र में तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर नदी क्षेत्र में मौजूद लोगों को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा एवं आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार एनडीआरएफ
11वीं एनडीआरएफ द्वारा गंगा नदी के जलस्तर और मौजूदा परिस्थितियों की निरंतर निगरानी की जा रही है। संभावित बाढ़, जल दुर्घटना अथवा अन्य किसी आकस्मिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ की बचाव टीमें आवश्यक संसाधनों और उपकरणों के साथ त्वरित प्रतिक्रिया एवं बचाव कार्य के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
एनडीआरएफ की ओर से आमजन से अपील की गई है कि वे सतर्क रहें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और बढ़ते जलस्तर के बीच किसी भी प्रकार का जोखिम न उठाएं। किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन एवं सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग करें।





