
- रिपोर्ट: रामकुमार
सोहावल (अयोध्या): समदा झील के किनारे बसे प्रसिद्ध पक्षी विहार क्षेत्र में शिकारियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोहावल तहसील के पूरा कलंदर थाना क्षेत्र में स्थित यह पर्यटक स्थल मछली के ठेकेदारों और शिकारियों की शरणस्थली बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत और लापरवाही के कारण शिकारियों के हौसले बुलंद हैं।
प्रत्येक रात लगभग 3 बजे से मछलियों का अवैध शिकार शुरू हो जाता है, जिसे बड़े-बड़े बाजारों में बेचा जाता है। इस गतिविधि के खिलाफ कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कोला, भिखारीपुर, मोइया, कपूरपुर और भिटौरा जैसे गांवों से सैकड़ों की संख्या में शिकारी आते हैं और भाला, बरसी जाल आदि से खुलेआम शिकार करते हैं। यह सब बिना किसी डर या रोक-टोक के हो रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शिकारी अक्सर नशे की हालत में रहते हैं और राहगीरों व मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों के साथ बदसलूकी करते हैं। उनके द्वारा की जाने वाली अभद्र टिप्पणियां और हुड़दंग से क्षेत्रीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समदा पक्षी विहार जैसे संवेदनशील पर्यावरणीय स्थल पर इस प्रकार की गतिविधियां न सिर्फ वन्यजीवों के लिए खतरा हैं, बल्कि स्थानीय पर्यटन और लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी हैं। क्षेत्रीय लोगों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल कार्रवाई करे और इस सुंदर पक्षी विहार को अवैध शिकार से मुक्त कराए।




