
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मद्देनजर Ministry of AYUSH लोगों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार विभिन्न योगासनों और उनके फायदों की जानकारी साझा कर रहा है। इसी क्रम में आयुष मंत्रालय ने शलभासन को बेहद लाभकारी योगासन बताया है, जो कमजोर कोर मसल्स, खराब पाचन और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देने में मददगार माना जाता है।
शलभासन, जिसे लोकस्ट पोज भी कहा जाता है, पेट के बल लेटकर किया जाने वाला योगासन है। इस आसन में दोनों पैरों को ऊपर उठाया जाता है, जिससे शरीर तीर की आकृति जैसा दिखाई देता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभ्यास पेट और पीठ की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के साथ पूरे कोर एरिया को सशक्त करता है।
आयुष मंत्रालय के मुताबिक, शलभासन का नियमित अभ्यास पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है। इसके अलावा यह पीठ और कमर दर्द को कम करने, शरीर की ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने तथा थकान दूर कर ऊर्जा बढ़ाने में भी मदद करता है।
योग विशेषज्ञों के अनुसार, शलभासन करने के लिए सबसे पहले पेट के बल मैट पर लेट जाएं और ठोड़ी को जमीन पर टिकाएं। दोनों हाथ शरीर के पास रखें और हथेलियां नीचे की ओर रहें। इसके बाद गहरी सांस लेते हुए दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहने के बाद सांस छोड़ते हुए पैरों को वापस नीचे ले आएं। शुरुआत में इस आसन को 3 से 4 बार करने की सलाह दी जाती है।
मंत्रालय ने बताया कि यह योगासन खासतौर पर उन लोगों के लिए फायदेमंद है, जिन्हें लंबे समय तक बैठकर काम करना पड़ता है। हालांकि, गर्भवती महिलाओं, हर्निया, गंभीर पीठ दर्द या हाल में सर्जरी कराने वाले लोगों को विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही यह आसन करना चाहिए।




