
-‘शब्द-साधना सम्मान समारोह एवं सद्भावना कवि सम्मेलन’ की घोषणा, साहित्य और संस्कृति के संगम का बनेगा भव्य मंच
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: प्रयागराज साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित संस्था सद्भावना मंच प्रयागराज की एक वृहद बैठक नीमसराय कॉलोनी स्थित राजगार्डन उत्सवगृह में संस्था के अध्यक्ष डा. योगेन्द्र कुमार मिश्र ‘विश्वबंधु’ की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में शहर पश्चिमी के अनेक आमंत्रित कवि-साहित्यकारों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर के प्रतिष्ठित वरिष्ठ चिकित्सक डा. सुशील कुमार सिन्हा रहे। संस्था के अध्यक्ष विश्वबंधु, महामंत्री एवं गीतकार शम्भूनाथ श्रीवास्तव ‘शम्भु’ तथा शायरा प्रीता बाजपेयी ने पुष्पहार पहनाकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
संस्था अध्यक्ष ने उपस्थित सभी कवि-साहित्यकारों का शब्द-सुमनों से स्वागत करते हुए संस्था की गतिविधियों और बैठक के उद्देश्य से अवगत कराया।
19 सितंबर को सजेगी शब्दों की विराट महफिल
मुख्य अतिथि डा. सुशील कुमार सिन्हा ने कहा कि वे साहित्यकारों और रचनाकारों के प्रति विशेष सम्मान का भाव रखते हैं। उन्होंने कहा कि शहर पश्चिम में आने वाले समय में अनेक साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन कराने के लिए वे संकल्पित हैं।
इसी क्रम में उन्होंने 19 सितंबर 2026 को राजगार्डन उत्सवगृह में भव्य ‘शब्द-साधना सम्मान समारोह एवं सद्भावना कवि सम्मेलन’ आयोजित किए जाने की घोषणा की।
इस घोषणा के साथ ही साहित्य प्रेमियों और कवि-साहित्यकारों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
साहित्यकारों ने डा. सिन्हा के प्रयासों को सराहा
बैठक में कवि-साहित्यकार डा. रामलखन चौरसिया, डा. विन्ध्यवासिनी शुक्ला, मिली श्रीवास्तव, पत्रकार दिनेश तिवारी, समाजसेवी अविचल द्विवेदी तथा कवि आनन्द श्रीवास्तव ने अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने साहित्य एवं संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में डा. सिन्हा के प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना की।
इसके बाद मुख्य अतिथि ने उपस्थित कवि-साहित्यकारों से परिचय प्राप्त किया और उनके साथ फोटोग्राफ भी कराए।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन कवि पं. राकेश मालवीय ‘मुस्कान’ ने किया।
कवि-साहित्यकारों की रही गरिमामय उपस्थिति
बैठक में संस्था के उपाध्यक्ष, मीडिया प्रभारी एवं उत्तर प्रदेश ललित कला अकादमी की प्रशासनिक परिषद के सदस्य, अंतरराष्ट्रीय चित्रकार एवं कवि रवीन्द्र कुशवाहा, कोषाध्यक्ष रेखा तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य शरतचंद्र श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में कवि-साहित्यकार एवं प्रबुद्ध वर्ग के लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख कवियों में प्रो. सुनील विक्रम, श्रीरंग, डा. अजय मालवीय ‘बहार’, गुप्तेश्वर पाण्डेय, उपेन्द्र पाण्डेय ‘मनमौजी’, हृदय नारायण पाण्डेय ‘अनजान’, मधुबाला गौतम, योगमाया बाजपेयी, मंजूलता नागेश, जगदीश कौर, अन्नपूर्णा मालवीय, रश्मि-राधे, ऋचा त्रिपाठी, सोमनाथ शुक्ला, श्याम फतनपुरी, शैलेन्द्र जय, श्रीराम तिवारी ‘सहज’, विपिन ‘दिलकश’, शिवा यादव, रजनीश राय, बब्बन सिंह, शरद श्रीवास्तव, हरीश वर्मा, आर.एस. पटेल, धीरेन्द्र सिंह और कपिल श्रीवास्तव सहित अनेक रचनाकार शामिल रहे।
अंत में संस्था के महामंत्री एवं गीतकार शम्भूनाथ श्रीवास्तव ‘शम्भु’ ने सभी अतिथियों, कवि-साहित्यकारों एवं उपस्थित प्रबुद्धजनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
अब 19 सितंबर को प्रयागराज की धरती पर शब्द, साहित्य और सद्भावना का भव्य संगम देखने को मिलेगा।




