
-पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने की कोशिश, 10 किलो प्रतिबंधित मांस, अवशेष, चापड़ और अवैध तमंचा बरामद; सलमान पर पहले से गोवध निवारण अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट के मामले दर्ज
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। आजमगढ़, 26 अक्टूबर। जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र में गोकशी और गोतस्करी के विरुद्ध कार्रवाई के दौरान पुलिस की मुठभेड़ में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने घेराबंदी के दौरान पुलिस टीम पर जानलेवा नीयत से फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में जमील के बाएं पैर में गोली लगी, जबकि उसके भाई सलमान को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपी को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदपुर भेजा गया।
पुलिस के अनुसार, 25 अक्टूबर की रात थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि गंभीरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरसेना खालसा के कुछ लोग प्रतिबंधित पशु का वध कर मांस बेचने के बाद बचे अवशेष मोटरसाइकिल से कहीं ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने खराटी से आवक मोड़ के पास घेराबंदी की।

इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस के रोकने पर आरोपियों ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें जमील घायल हो गया। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया।
10 किलो प्रतिबंधित मांस और अवैध असलहा बरामद
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमील (42) और सलमान (30), पुत्र स्वर्गीय मोबिन, निवासी ग्राम लहबरिया सरसेना खालसा, थाना गंभीरपुर, आजमगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से 10 किलोग्राम प्रतिबंधित पशु का मांस, एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चापड़, एक मोटरसाइकिल और .315 बोर का अवैध तमंचा बरामद करने का दावा किया है। मौके से .315 बोर के दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस भी बरामद हुआ है।
छुट्टा पशुओं को पकड़कर वध करने का आरोप
पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ के मुताबिक, आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर आसपास घूमने वाले छुट्टा प्रतिबंधित पशुओं को पकड़ने, उन्हें सुनसान स्थानों पर ले जाकर वध करने और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में बेचने की बात बताई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर यह भी बताया कि मांस की बिक्री से प्राप्त रकम आपस में बांट लेते थे और इसी धन से अवैध असलहा खरीदते थे, ताकि विरोध होने पर लोगों को डराकर मौके से भाग सकें।
पुलिस अब इस कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
सलमान पर पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सलमान के विरुद्ध वर्ष 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। वहीं, दोनों भाइयों के विरुद्ध मौजूदा मामले में गंभीरपुर थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 255/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), गोवध निवारण अधिनियम और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
थानाध्यक्ष के नेतृत्व में हुई कार्रवाई
इस कार्रवाई में थानाध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी के साथ उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार मिश्रा, योगेश सरोज, वीरेंद्र कुमार यादव सहित थाने के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि गोकशी और गोतस्करी से जुड़ी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अभियान जारी है। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है तथा मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।




