
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र के लोहा मंडी में चल रहे पेइंग गेस्ट हाउस में देह व्यापार के मामले में पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपित अब जेल से बाहर आ गया है।
अपर जिला जज (अष्टम) की अदालत ने भुल्लनपुर, मंडुआडीह निवासी सागर सेठ को 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें और बंधपत्र जमा करने के बाद रिहा करने का आदेश दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव और नरेश यादव ने अदालत में पक्ष रखा।
“ग्राहक बनकर पहुंची थी पुलिस, मिला था पूरा रैकेट”
अभियोजन के मुताबिक 12 जुलाई 2026 को इंस्पेक्टर सिगरा शिवाकांत मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि लोहा मंडी स्थित एक गेस्ट हाउस में अवैध देह व्यापार का कारोबार चल रहा है।
सूचना पक्की करने के बाद पुलिस टीम ग्राहक बनकर गेस्ट हाउस में दाखिल हुई। पुष्टि होते ही छापेमारी की गई। छापे के दौरान मौके से देह व्यापार में लिप्त 4 युवक और 5 युवतियां समेत होटल संचालक पकड़े गए।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि अंधरापुल क्षेत्र निवासी राहुल प्रजापति ने एक साल पहले सारंग जायसवाल से यह पेइंग गेस्ट हाउस 75 हजार रुपये महीना किराए पर लिया था। आरोप है कि राहुल का पार्टनर सागर सेठ लड़कियों की सप्लाई करता था।
पुलिस के अनुसार गेस्ट हाउस संचालक ग्राहकों से 5 से 10 हजार रुपये लेकर रैपिडो के जरिए लड़कियों को होटल और अन्य जगहों पर भेजता था। गिरफ्तार युवतियों में 4 पश्चिम बंगाल की बताई जा रही हैं।
तलाशी में मौके से 9 हजार नकद, नशीले पदार्थ और 12 मोबाइल फोन भी बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस ने सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया था।
“जमानत मिली, पर सवाल बाकी”
अदालत से जमानत मिलने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि सिगरा जैसे व्यस्त इलाके में गेस्ट हाउस की आड़ में चल रहे इस गोरखधंधे पर लगाम कब लगेगी? और इस रैकेट में शामिल बाकी लोगों पर कार्रवाई कब होगी?
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और अन्य संलिप्त लोगों की तलाश की जा रही है।




