
- रिपोर्ट: अमित कुमार
लखनऊ: सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए संभागीय परिवहन विभाग द्वारा चलाया जा रहा ‘नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ अभियान अपेक्षित परिणाम नहीं दे रहा है। इस अभियान का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने के लिए प्रोत्साहित करना है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका असर नगण्य दिखाई दे रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर बिना हेलमेट के वाहन चालकों को आसानी से पेट्रोल दिया जा रहा है।
आज जिले के कुछ पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया गया, जिसमें पाया गया कि पेट्रोल पंप मालिकों और कर्मचारियों द्वारा इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि बिना हेलमेट के आए चालकों को बिना किसी सवाल-जवाब के पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों द्वारा चालकों को हेलमेट पहनने की सलाह देने या पेट्रोल देने से मना करने जैसी कोई पहल नहीं की जा रही।
परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए पेट्रोल पंप मालिकों और कर्मचारियों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “एक अधिकारी अकेले जिले के सभी पेट्रोल पंपों की निगरानी नहीं कर सकता। जनहित में इस अभियान को सफल बनाने के लिए पेट्रोल पंप मालिकों और कर्मचारियों को सक्रिय रूप से सहयोग करना होगा।”
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि पेट्रोल पंप इस नियम का उल्लंघन करते पाए गए, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही, जनता से भी अपील की गई है कि वे सड़क सुरक्षा को गंभीरता से लें और हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं। इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।




