
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका (रिव्यू पिटीशन) दायर करने का निर्णय लिया है, जिसमें कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के शिक्षकों में फैले व्यापक असंतोष को देखते हुए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने इस निर्णय की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से दी।
सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश ने प्रदेश के लाखों शिक्षकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस आदेश के तहत शिक्षकों को अपनी नौकरी बनाए रखने और पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इस स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों को राहत देने के लिए त्वरित कार्रवाई की है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर करने का निर्देश दिया है।




