
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ: नगर निगम जोन-2 के खजुहा क्षेत्र में आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती शाम एक दर्दनाक घटना में खजुहा निवासी विजय रस्तौगी और उनका पोता सांडों के हमले में घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 6 सितंबर की शाम विजय रस्तौगी अपने पोते को टहलाने निकले थे, तभी दो सांडों ने अचानक हमला कर दिया। जब तक स्थानीय लोग पहुंचकर सांडों को भगाते, तब तक दादा-पोता गंभीर रूप से घायल हो चुके थे। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
🔴 सड़कों पर जमावड़ा लगाए बैठे हैं आवारा सांड
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि खजुहा पुलिस चौकी के आसपास सड़कों पर अक्सर दर्जनों की संख्या में आवारा सांड व पशु देखे जा सकते हैं। इससे राहगीरों, खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हर वक्त खतरा बना रहता है।
⚠️ निगम प्रशासन बेखबर, बड़ा हादसा कभी भी संभव
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे कई बार नगर निगम और जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। अगर जल्द उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो किसी दिन यह लापरवाही किसी बड़ी जनहानि का कारण बन सकती है।
🗣️ जनता की मांग – आवारा पशुओं को जल्द हटाया जाए
लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि क्षेत्र में नियमित रूप से आवारा पशुओं की पकड़ और व्यवस्था की जाए, ताकि नागरिक भयमुक्त होकर रोजमर्रा की जिंदगी जी सकें।
निष्कर्ष:
लखनऊ जैसे शहर में आवारा पशुओं की समस्या अब एक सुरक्षा संकट बनती जा रही है। नगर निगम और प्रशासन को चाहिए कि वे इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाएं, ताकि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




