
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ नगर निगम का जोन-2 इन दिनों भ्रष्टाचार और लापरवाही का अड्डा बनता जा रहा है। जलकल विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जलकल के महाप्रबंधक ने कर्मचारियों की निगरानी के लिए जोन-2 कार्यालय में 12 सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, ताकि यह देखा जा सके कि कौन कर्मचारी कहां है और क्या कर रहा है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि उन्हीं कर्मचारियों ने इनमें से 6 कैमरे गायब कर दिए।
सूत्रों के अनुसार, कैमरे इसलिए हटाए गए ताकि चोरी और अनियमितताएं महाप्रबंधक की नजर में न आएं और किसी भी कर्मचारी की करतूत उजागर न हो सके।
अब सवाल उठता है कि लाखों की लागत से लगाए गए 12 कैमरों में से आखिर 6 कैमरे कहां गए? यह सरकारी धन की सीधी बर्बादी है।
इतना ही नहीं, जलकल विभाग अब पिकनिक स्पॉट जैसा बन गया है। अधिशासी अभियंता कार्यालय में rarely आते हैं, जबकि कर्मचारी दिनभर जलकल परिसर में मस्त रहते हैं।
नगर निगम जोन-2 के इस “गजब के खेल” ने पारदर्शिता और जवाबदेही की पोल खोलकर रख दी है।





