
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
लखनऊ के चंद्रिका देवी रोड पर गृहपति डेवलपर्स द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। बिल्डर शैलेंद्र यादव और श्रीनिवास शुक्ला ने करीब 20 बीघा जमीन पर बिना अनुमति के प्लॉटिंग कर भोले-भाले ग्राहकों को अवैध प्लॉट बेचे जा रहे हैं। इस मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) के प्रवर्तन जोन-4 के अधिकारियों पर संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगे हैं।
हरदोरपुर और मझोरिया मार्ग पर अवैध निर्माण
गृहपति डेवलपर्स ने हरदोरपुर और मझोरिया मार्ग पर 20 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की है। सूत्रों के अनुसार, इस प्लॉटिंग के लिए न तो LDA, न ही रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) और न ही जिला पंचायत से कोई अनुमति ली गई। इसके बावजूद, बिल्डर बिना किसी रोक-टोक के प्लॉट बेच रहे हैं।
LDA अधिकारियों पर संरक्षण का आरोप
स्थानीय लोगों और सूत्रों ने आरोप लगाया है कि LDA के जोनल अधिकारी, जूनियर इंजीनियर (JE) और असिस्टेंट इंजीनियर (AE) इस अवैध प्लॉटिंग को खुला संरक्षण दे रहे हैं। बिल्डरों की मिलीभगत से यह गैरकानूनी गतिविधियां बेरोकटोक जारी हैं, जिससे भोले-भाले खरीदारों को ठगी का शिकार होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्राहकों को ठगी का डर
अवैध प्लॉटिंग के कारण कई ग्राहकों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। बिना स्वीकृत नक्शे और अनुमति के बेचे जा रहे इन प्लॉटों का भविष्य अनिश्चित है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली और पानी की आपूर्ति भी नहीं हो पाती, जिससे खरीदारों को बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने LDA, रेरा और जिला प्रशासन से इस अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, उन्होंने दोषी बिल्डरों और संरक्षण देने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की अपील की है। इस मामले में LDA के प्रवर्तन जोन-4 के अधिकारियों से कोई आधिकारिक बयान अभी तक सामने नहीं आया है।




