
- रिपोर्ट: आलम अंसारी
लखनऊ हेड क्वाटर से छोटे-छोटे दो बंधवा मजदूरी करने वाले बच्चों की सूचना प्राप्त होने पर जिला प्रोबेशन अधिकारी स्मिता सिंह एवं न्यायपीठ बाल कल्याण समिति हापुड़ से अध्यक्ष अभिषेक त्यागी , सदस्य बाबूराम गिरी के निर्देश के क्रम में आज दिनांक 12 सितंबर 2025 को थाना बाबूगढ़ के गांव होशियारपुर गड़ी में थाना AHTU , चाइल्ड हेल्पलाइन Hapur ,बाल कल्याण समिति Hapur ,की संयुक्त टीम द्वारा दो बंधुआ मजदूरी कर रहे बच्चों को रेस्क्यू किया गया । दोनों बच्चों में से एक बच्चा 14 साल का है, एक बच्चा 12 साल का है। दोनों ही बच्चे सीतापुर जिले के रहने वाले हैं।
बच्चों द्वारा अवगत कराया गया कि प्रमोद पुत्र रामचरण के परिवार में वह बंधुआ मजदूरी कर रहे थे। प्रमोद का लड़का सचिन उनको सीतापुर से लाया । जो कि उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल है और उसकी पोस्टिंग बिजनौर में है।बच्चों द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि उनको ना ही तो ठीक से खाना दिया जाता था और ना ही पहनने के लिए कपड़े दिए जाते थे पिछले 15 महीने से लगातार वह कार्य कर रहे हैं। अभी तक उनको कार्य करने के बदले पैसे भी नहीं दिए गए। ना ही उनके माता-पिता से उनकी बातें कराई जाती है। बच्चे रात को 12:00 बजे तक कार्य करते हैं।
रात को 12:00 तक कार्य करने के बाद उनको मारपीट गली गालोच करके एक बंद कमरे में बंद कर दिया जाता था और बाहर कुत्ते बांध दिए जाते थे ताकि वह कमरे से बाहर ना निकल पाए। बच्चों से सुबह 5:00 बजे से रात को 11-12 बजे तक लगभग 15 से 20 गाय भैंसों का कार्य और खेत का कार्य कराया जाता था बच्चों से खेत में छिड़कने वाली जहरीली कीटनाशक दवाइयां का भी छिड़काव अपने खेत पर करवाया जाता था। जिससे बच्चों के हाथ पैर व पूरे शरीर पर इंफेक्शन फैला हुआ है। दोनों बच्चे अब अपने माता-पिता के पास जाना चाहते हैं।
बच्चों को माता-पिता की सुपुर्दगी में दिए जाने के लिए न्यायपीठ बाल कल्याण समिति हापुड़ अग्रिम कार्यवाही कर रही है । इस समय बच्चे बाल कल्याण समिति हापुड़ के संरक्षण में हैं। संयुक्त टीम में विधि सह परिवीक्षा अधिकारी रविंदर कुमार, बाल कल्याण समिति से सह आंकड़ा विश्लेशक मुकेश कुमार,चाइल्ड हेल्पलाइन से सुपरवाइजर जीतू गंगवार , थाना AHTU से उप निरक्षक लीलाराम मीणा, महिला आरक्षी निकिता तोमर आदि उपस्थित रहे।




