
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
आगरा: आगरा के ताजगंज क्षेत्र में विश्व धरोहर ताजमहल से सिर्फ 100 मीटर की दूरी पर नियमों और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर अवैध निर्माण किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह निर्माण सड़क को घेरकर किया जा रहा है, जबकि यह इलाका भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा 500 मीटर के दायरे में प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित है।
न ASI जागा, न नगर निगम रुका – बेजा कब्जे पर प्रशासन खामोश
सूत्रों के मुताबिक, ताजगंज की असद गली में एक निजी व्यक्ति द्वारा कैमरा रूम के नाम पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। निर्माण कार्य नगर निगम के छह फुट चौड़े खरंजे (पक्के रास्ते) पर हो रहा है, जिसे पूरी तरह से घेर लिया गया है। इसके बावजूद ASI, नगर निगम और स्थानीय थाना पुलिस की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
सुरक्षा मानकों पर खतरा, ताजमहल की गरिमा से खिलवाड़
ताजमहल की सुरक्षा को लेकर हमेशा सतर्कता बरतने की बात कही जाती है, लेकिन इतने नजदीक हो रहे निर्माण कार्य ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह का निर्माण न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि इससे ताजमहल की संरचना और सुरक्षा दोनों को खतरा है।
कब जागेगा सिस्टम?
स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अगर ताजमहल जैसे संवेदनशील और प्रतिष्ठित स्थल के पास खुलेआम नियमों की अनदेखी हो सकती है, तो पूरे सिस्टम की नीयत और निगरानी पर प्रश्नचिन्ह लग जाता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन, ASI और नगर निगम कब जागते हैं, और क्या इस अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई होती है या फिर ताजमहल के साये में ऐसे ही नियमों का मज़ाक उड़ता रहेगा।




