
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में यात्रियों, रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर जांच एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। मंडल रेल प्रबंधक श्री आशीष जैन के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, रेल आवासीय कॉलोनियों, कार्यालयों तथा अन्य संबंधित स्थानों पर उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच की जा रही है। रेल प्रशासन का विशेष जोर इस बात पर है कि यात्रियों और कर्मचारियों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पेयजल उपलब्ध हो तथा जल की गुणवत्ता से संबंधित किसी भी संभावित समस्या का समय रहते पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इसी क्रम में 12 से 18 अक्टूबर 2026 तक एक सप्ताह के दौरान वाराणसी मंडल में कुल 692 परीक्षण किए गए।
एक सप्ताह में 600 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण
पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत एक सप्ताह में 600 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किए गए। इन परीक्षणों के माध्यम से पेयजल में क्लोरीन की उपलब्धता की जांच की जाती है, जिससे जल की स्वच्छता और जल शोधन प्रक्रिया की प्रभावशीलता की निगरानी करने में सहायता मिलती है। इसके अतिरिक्त, पानी की गुणवत्ता के विभिन्न पहलुओं का आकलन करने के लिए 79 जल नमूनों का बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण कराया गया। वहीं, 13 जल नमूनों का रासायनिक विश्लेषण राज्य सरकार की प्रयोगशाला में कराया गया। इस प्रकार निर्धारित अवधि में क्लोरीन, बैक्टीरियोलॉजिकल और रासायनिक जांच के माध्यम से पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी की गई।
जल स्रोतों से लेकर वितरण प्रणाली तक निगरानी
रेलवे परिसर में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जल स्रोतों और वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी की जा रही है। इसके तहत पानी की आपूर्ति से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर गुणवत्ता की जांच करने के साथ ही जल नमूनों को प्रयोगशालाओं में परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। इन जांचों का उद्देश्य पेयजल की गुणवत्ता का आकलन करना तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों को प्रभावी बनाना है।
रेल प्रशासन द्वारा जल स्रोतों की नियमित साफ-सफाई, जल शोधन प्रणालियों के निरीक्षण और पेयजल आपूर्ति से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक कार्रवाई करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने में किसी प्रकार की कमी सामने आने पर समय रहते उसका समाधान किया जा सके।
यात्रियों और रेल कर्मचारियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता
रेलवे स्टेशनों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। इसके अलावा, रेल आवासीय कॉलोनियों और कार्यालयों में भी बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी एवं उनके परिवार रहते हैं। ऐसे में सभी को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना रेल प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसी को ध्यान में रखते हुए वाराणसी मंडल में पेयजल की गुणवत्ता की जांच को नियमित प्रक्रिया के रूप में संचालित किया जा रहा है।
अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। जल नमूनों की जांच और जल आपूर्ति व्यवस्था के निरीक्षण के माध्यम से पानी की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है। इससे पेयजल की स्वच्छता बनाए रखने तथा यात्रियों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने में मदद मिलती है।
निरंतर जारी रहेगा जांच एवं निगरानी अभियान
रेल प्रशासन के अनुसार, यात्रियों और रेल कर्मचारियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना उसकी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से पेयजल की गुणवत्ता की जांच, जल स्रोतों की निगरानी और संबंधित व्यवस्थाओं के निरीक्षण का कार्य निरंतर जारी रखा जाएगा। निर्धारित मानकों के अनुरूप पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
रेल प्रशासन ने यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों से अपील की है कि वे स्वच्छता संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करें और पेयजल की गुणवत्ता अथवा आपूर्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या सामने आने पर इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। इस अभियान के माध्यम से वाराणसी मंडल में पेयजल की गुणवत्ता पर सतत निगरानी रखते हुए यात्रियों, रेल कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।




