
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
आगरा, 7 सितंबर – धीरेंद्र शास्त्री का बहुप्रतीक्षित भव्य दरबार कार्यक्रम शनिवार को अचानक रद्द कर दिया गया, जिससे लाखों की संख्या में उमड़े श्रद्धालुओं को भारी निराशा का सामना करना पड़ा।
🔴 45 मिनट पहले प्रशासन ने खींची अनुमति, टला बड़ा हादसा
कार्यक्रम शुरू होने से ठीक 45 मिनट पहले प्रशासन ने अनुमति वापस ले ली, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनते-बनते रह गई।
🟡 3,000 की क्षमता वाले राजदेवम गार्डन में उमड़े 40,000 से ज्यादा भक्त
कार्यक्रम स्थल पर भारी भीड़ पहुंच गई, जिससे सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। आयोजकों की तैयारी पूरी तरह नाकाफी साबित हुई।
🚧 सड़कें बनीं वन-वे जाम, प्रशासन हक्का-बक्का
सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा। शहर की सड़कों पर रॉन्ग साइड ट्रैफिक से हालात बिगड़ते गए और पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
🟠 एमपी, राजस्थान और यूपी से उमड़ी भीड़ ने खोल दी पोल
तीन राज्यों से भारी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने आयोजन की असलियत सामने ला दी। व्यवस्थाएं नाकाफी रहीं।
🔵 पुलिस की सख़्ती भी नाकाम, भीड़ को नहीं कर पाए नियंत्रित
पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद भीड़ पर काबू पाना नामुमकिन साबित हुआ।
🟣 पासधारकों की योजना फेल, मैदान में अफरा-तफरी
सिर्फ पास वालों को प्रवेश देने की योजना भी ध्वस्त हो गई। भीड़ बेकाबू हो गई और मैदान में हड़कंप मच गया।
🟤 डीसीपी का बयान- आयोजकों ने नहीं दी जानकारी, मच गई अफरा-तफरी
डीसीपी ने बताया कि आयोजकों ने भीड़ को रद्द कार्यक्रम की जानकारी समय पर नहीं दी, जिससे अव्यवस्था फैल गई।
⚡ धीरेंद्र शास्त्री की अपील- शांति बनाए रखें, आस्था के नाम पर न हो अव्यवस्था
धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो संदेश के जरिए भक्तों से अपील की कि वे संयम बनाए रखें और किसी भी स्थिति में अव्यवस्था न फैलाएं।
🟥 गणेश विसर्जन और PET परीक्षा के बीच लिया गया बड़ा फैसला
ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने यह कठिन लेकिन जरूरी निर्णय लिया।
निष्कर्ष:
धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में प्रशासन और आयोजकों की साझा ज़िम्मेदारी होती है। ऐसी घटनाएं भविष्य में ना हों, इसके लिए बेहतर योजना और समय पर सूचना जरूरी है।




