
- वरिष्ठ संवाददाता: राजीव आनन्द
लखनऊ: आज 47 वें आई0पी0एस0 इण्डक्शन प्रशिक्षण कोर्स के अन्तर्गत 17 प्रशिक्षु आई0पी0एस0 अधिकारियों द्वारा सरदार बल्लभ भाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी हैदराबाद के Study-cum-Cultural प्रशिक्षण कार्यक्रम के अनुरूप पुलिस मुख्यालय स्थित साइबर क्राइम, स्थापना तथा सोशल मीडिया सेन्टर सहित पुलिस मुख्यालय की सभी महत्त्वपूर्ण इकाईयों का भ्रमण कर विभागीय कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी।
भ्रमण के उपरान्त डीजीपी राजीव कृष्णा से मुलाकात कर सभी प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों द्वारा अपना परिचय दिया गया। 17 प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों में से गुजरात कैडर के 06, कर्नाटक के 03, मणिपुर के 03, केरल के 02, असम, आन्धप्रदेश, एवं तेलंगाना के 01-01 अधिकारी सम्मलित है।डीजीपी द्वारा अपने सम्बोधन में कहा गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस सिंगल कमाण्ड के अन्तर्गत कार्य करने वाली देश की सबसे बड़ी पुलिस फोर्स है। हाल ही में उत्तर प्रदेश पुलिस में 60 हजार से अधिक आरक्षियों की भर्ती की गयी है।
जिनका प्रशिक्षण वर्तमान में चल रहा है। इतनी बड़ी संख्या में भर्ती कर उन्हें प्रशिक्षण देना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। कानून-व्यवस्था, साइबर अपराध एवं महिलाओं के विरुद्ध अपराध जैसी प्रमुख चुनौतियों का उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सफलता पूर्वक सामना किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश पुलिस के प्रयासों से संगठित अपराध पूरी तरह समाप्त हो गया है। विगत पाँच वर्षों में पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के फलस्वरूप आमजन के मन में उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि और अधिक सकारात्मक हुई है।
उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की गई है। साइबर अपराध नियंत्रण, ऑपरेशन कन्विक्शन एवं नये अपराधिक कानूनो का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है।डीजीपी राजीव कृष्णा द्वारा बताया कि उनके द्वारा सनसनीखेज अपराधों पर डेली रिपोर्टिंग का मेकैनिज्म विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से घटनाओं की जानकारी प्राप्त कर उन पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाती है। तत्पश्चात डीजीपी द्वारा प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के उज्जवल भविष्य की कामना की गयी।प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 में पुलिस प्रबंधन की सराहना करते हुए इसे अद्वितीय बताया गया।




