सुप्रीम कोर्ट में वक्फ अधिनियम, 2025 को लेकर सुनवाई जारी है।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ की अनुपस्थिति में मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई की अध्यक्षता वाली दो जजों की पीठ कर रही है।
सुनवाई के दौरान CJI गवई ने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से सवाल किया, “पहले भी वक्फ प्रॉपर्टीज के रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था थी, लेकिन क्या वह अनिवार्य थी?”
इस सवाल पर सिब्बल थोड़ा असहज नजर आए और बहस में उलझ गए।
उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “2025 में जो नया कानून बना है, वह पहले के कानून से काफी अलग है। इसमें दो प्रमुख अवधारणाएं हैं—एक, वह संपत्ति जो उपयोगकर्ता द्वारा वक्फ की गई है और दूसरी, जिसका विधिवत समर्पण किया गया हो।”
सिब्बल ने यह भी जोड़ा कि इन दोनों ही अवधारणाओं को बाबरी मस्जिद के मामले में मान्यता दी गई थी।