
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
अलीगढ़: करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर सिंह चौहान ने उत्तर प्रदेश की पूरी कार्यकारिणी को भंग कर दिया है। यह कार्रवाई संगठन के अंदर लंबे समय से चल रही अनुशासनहीनता को देखते हुए की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चौहान को भी अनुशासनहीनता के चलते उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। उनके साथ-साथ उनके नेतृत्व में काम कर रहे सभी पदाधिकारियों को भी पदमुक्त कर दिया गया है।
यह निर्णय 16 अप्रैल को लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद ज्ञानेंद्र सिंह अब भी खुद को प्रदेश अध्यक्ष बताकर परिचय दे रहे हैं, जो संगठन के फैसले की अवहेलना है।
इतना ही नहीं, पद से हटाए जाने के बाद भी उन्होंने हाल ही में राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर हमले की जिम्मेदारी भी ली थी, जिससे संगठन की छवि को गहरी चोट पहुंची है।
करणी सेना के राष्ट्रीय नेतृत्व ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता और संगठन विरोधी गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




