
- रिपोर्ट: अनुराग सिंह बिष्ट
नई दिल्ली: अब भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं से पहले अलर्ट मिलना संभव होगा। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA मिलकर 30 जुलाई को अत्याधुनिक ‘निसार’ (NISAR) सैटेलाइट लॉन्च करने जा रहे हैं। यह सैटेलाइट धरती की सतह पर होने वाले बदलावों जैसे भूकंप, जमीन में दरारें, भू-स्खलन और अन्य आपदाओं के शुरुआती संकेतों की निगरानी करेगा।
🔹 क्या करेगा ‘निसार’ सैटेलाइट?
‘निसार’ (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) एक ऐसा उपग्रह है जो धरती की सतह में हो रहे बदलावों को मिलीमीटर स्तर तक मापने में सक्षम है। यह तकनीक वैज्ञानिकों को समय से पहले संभावित भूकंप या भू-स्खलन जैसी आपदाओं का संकेत देने में मदद करेगी।
🔹 आपदा प्रबंधन में लाएगा क्रांति
इस सैटेलाइट से प्राप्त आंकड़े न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान में उपयोग होंगे, बल्कि सरकार और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को भी समय रहते कदम उठाने में मदद मिलेगी। इससे हजारों लोगों की जान बचाई जा सकेगी और आर्थिक नुकसान को भी कम किया जा सकेगा।
🔹 पर्यावरण की निगरानी भी संभव
‘निसार’ मिशन के जरिए जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर पिघलने, समुद्री स्तर में वृद्धि और वन क्षेत्र में बदलाव जैसे पर्यावरणीय विषयों पर भी नजर रखी जा सकेगी।
ISRO और NASA की यह ऐतिहासिक साझेदारी देश को आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।





