
31 अक्टूबर को बनारस स्टेशन से वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच भी शुरू होगी नई रेल सेवा*
वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। धर्म, संस्कृति और पर्यटन की अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाली काशी के रेल नेटवर्क में 31 अक्टूबर को एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वाराणसी को एक साथ तीन नई रेल सेवाओं की सौगात मिलने जा रही है। इनमें वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, वाराणसी सिटी-राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनें और बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच नई ट्रेन सेवा शामिल है। बनारस रेलवे स्टेशन पर आयोजित समारोह में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इन सेवाओं के शुरू होने से लंबी दूरी की यात्रा से लेकर स्थानीय और अंतरजनपदीय आवागमन तक यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
रेलवे की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार समारोह में प्रदेश के प्रमुख जनप्रतिनिधियों के साथ वरिष्ठ रेल अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं प्रयागराज रामबाग स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।
*दिल्ली के लिए रात का सफर, सुबह मंजिल पर पहुंचेंगे यात्री*
काशी से देश की राजधानी दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए वंदे भारत स्लीपर ट्रेन विशेष सुविधा लेकर आ रही है। लंबे समय से इस रेल सेवा की मांग की जा रही थी। नई ट्रेन के संचालन से यात्रियों को रातभर आरामदायक सफर करने और सुबह दिल्ली पहुंचकर अपने जरूरी काम निपटाने का अवसर मिलेगा।
ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली-वाराणसी रात 9:40 बजे दिल्ली से प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी।
यात्रा के दौरान ट्रेन प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद स्टेशनों पर ठहराव करेगी। यह ट्रेन सप्ताह में छह दिन संचालित होगी। वाराणसी से सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शनिवार और रविवार को चलेगी, जबकि नई दिल्ली से सोमवार, मंगलवार, बुधवार, बृहस्पतिवार, शुक्रवार और रविवार को इसका संचालन होगा।
*16 कोच में 823 बर्थ, आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी ट्रेन*
लंबी दूरी की रात्रिकालीन यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए वंदे भारत स्लीपर को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। 16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 823 बर्थ होंगी। यात्रियों के लिए प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी वातानुकूलित कोच उपलब्ध रहेंगे।
मेक इन इंडिया पहल के तहत निर्मित इस ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसमें आरामदायक बर्थ, बेहतर शोर नियंत्रण, कंपन में कमी और तापरोधी व्यवस्था जैसी सुविधाएं दी गई हैं। गति बढ़ाने और रोकने के दौरान झटकों को कम करने के लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से ट्रेन में उन्नत अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, इंटेलिजेंट डायग्नोस्टिक्स, आधुनिक ट्रेन प्रबंधन प्रणाली और अत्याधुनिक प्रोपल्शन एवं कंट्रोल सिस्टम लगाए गए हैं। ऊर्जा की बचत के लिए रीजेनरेटिव ब्रेकिंग तकनीक का उपयोग होगा। मजबूत स्टील बॉडी ट्रेन को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाएगी।
*वाराणसी सिटी से राजातालाब तक चार जोड़ी मेमू से आसान होगा सफर*
काशी के स्थानीय रेल यात्रियों के लिए भी यह दिन खास होने जा रहा है। वाराणसी सिटी से राजातालाब के बीच चार जोड़ी मेमू ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा। इससे शहर के पश्चिमी हिस्से और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को आवागमन का नया विकल्प मिलेगा।
12 कोच वाली इन मेमू ट्रेनों का ठहराव वाराणसी जंक्शन, बनारस, भुलनपुर और हरदत्तपुर स्टेशनों पर होगा। इस सेवा से प्रतिदिन नौकरी और कारोबार के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों के साथ विद्यार्थियों, मरीजों और अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
इस रेल सेवा का एक महत्वपूर्ण पहलू राजातालाब से रिंग रोड के रास्ते अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तक पहुंचने की सुविधा भी है। इससे स्टेडियम और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। रेलवे को उम्मीद है कि स्थानीय रेल आवागमन बढ़ने से सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
*बनारस से प्रयागराज रामबाग तक नई ट्रेन, ढाई घंटे में पूरा होगा सफर*
वाराणसी और प्रयागराज के बीच यात्रा करने वाले लोगों को भी नई रेल सेवा का लाभ मिलेगा। बनारस-प्रयागराज रामबाग के बीच शुरू होने वाली ट्रेन दोनों महत्वपूर्ण धार्मिक, शैक्षिक और व्यावसायिक नगरों के बीच आवागमन को आसान बनाएगी।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार यात्री सुबह वाराणसी से रवाना होकर लगभग ढाई घंटे में प्रयागराज पहुंच सकेंगे। इससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, व्यापारियों, किसानों और न्यायालय संबंधी कार्यों से प्रयागराज जाने वाले लोगों को सुविधा मिलेगी। यात्री सुबह प्रयागराज पहुंचकर दिनभर अपने जरूरी काम निपटाने के बाद शाम को वापस वाराणसी लौटने का विकल्प भी प्राप्त कर सकेंगे।
इस सेवा से दोनों शहरों के बीच नियमित यात्रियों को समय और धन की बचत होने की उम्मीद है। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी वाराणसी तथा प्रयागराज के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।
*काशी के रेल नेटवर्क में जुड़ेगा नया अध्याय*
31 अक्टूबर को शुरू होने वाली तीनों रेल सेवाएं अलग-अलग श्रेणी के यात्रियों की जरूरतों को पूरा करेंगी। वंदे भारत स्लीपर से दिल्ली की रात्रिकालीन यात्रा सुविधाजनक होगी, मेमू ट्रेनों से शहर और आसपास के क्षेत्रों का आवागमन आसान होगा, जबकि बनारस-प्रयागराज रामबाग ट्रेन दोनों प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का नया विकल्प उपलब्ध कराएगी।
काशी में लगातार बढ़ती आबादी, पर्यटन गतिविधियों, व्यापारिक जरूरतों और यात्रियों की संख्या को देखते हुए इन सेवाओं का महत्व और बढ़ जाता है। अब 31 अक्टूबर को बनारस स्टेशन से होने वाले शुभारंभ पर यात्रियों की निगाहें टिकी हैं। इन तीन नई रेल सुविधाओं के शुरू होने से काशी के रेल संपर्क को विस्तार मिलने के साथ ही पूर्वांचल के यात्रियों को भी आवागमन में नई सहूलियत मिलने की उम्मीद है।




