
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
दीपावली का त्योहार हो और मिठाइयों की बात न हो, ऐसा कैसे हो सकता है। घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनती हैं। ऐसे में खुद को मीठा खाने से रोक पाना मुश्किल हो जाता है। हालांकि, डायबिटीज (Diabetes) से पीड़ित लोगों के लिए त्योहार के दौरान खानपान को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है। उन्हें मिठाई खाने से पहले इस बात की चिंता रहती है कि कहीं ब्लड शुगर का स्तर न बढ़ जाए। लेकिन डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं है कि त्योहार पर मिठाई का स्वाद बिल्कुल नहीं लिया जा सकता। सही विकल्प चुनकर, सीमित मात्रा में मिठाई खाकर और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर दीपावली का आनंद लिया जा सकता है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए कौन सी मिठाइयां बेहतर?
डायबिटीज के मरीज मिठाई चुनते समय बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसी चीजों से बनी मिठाइयों को प्राथमिकता दे सकते हैं। बादाम कतली, पिस्ता रोल और कम चीनी से तैयार नट्स की मिठाइयां कुछ पारंपरिक मिठाइयों के मुकाबले बेहतर विकल्प हो सकती हैं।
दरअसल, बादाम और पिस्ता में फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व भोजन के पाचन और ब्लड शुगर के प्रबंधन में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन मिठाइयों में भी कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।
घर पर तैयार करें कम मीठी मिठाइयां
डायबिटीज के मरीजों के लिए घर पर मिठाई तैयार करना भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे मिठाई में इस्तेमाल होने वाली चीनी, घी और अन्य सामग्री की मात्रा को नियंत्रित किया जा सकता है।
घर पर बादाम की मिठाई, नारियल के लड्डू या कम मीठा सूजी का हलवा बनाया जा सकता है। चीनी के विकल्प के रूप में स्टीविया जैसे स्वीटनर का इस्तेमाल करने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, किसी भी स्वीटनर को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डायटीशियन की सलाह लेना बेहतर है।
खाली पेट मिठाई खाने से बचें
मिठाई खाने के तरीके पर भी ध्यान देना जरूरी है। डायबिटीज के मरीजों को खाली पेट मिठाई खाने के बजाय संतुलित भोजन के साथ सीमित मात्रा में मीठा लेना चाहिए।
अपने भोजन में दाल, हरी सब्जियां, सलाद और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। इससे भोजन में पोषक तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। एक बार में मिठाई का छोटा हिस्सा लें और बार-बार मीठा खाने से बचें।
शुगर फ्री मिठाइयों को न समझें पूरी तरह सुरक्षित
बाजार में मिलने वाली शुगर फ्री मिठाइयों को देखकर कई लोग मान लेते हैं कि इन्हें खाने से ब्लड शुगर नहीं बढ़ेगा। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है।
इन मिठाइयों में चीनी की जगह दूसरे स्वीटनर इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन इनमें मैदा, सूजी, दूध, खोया और अन्य कार्बोहाइड्रेट वाली सामग्री मौजूद हो सकती है। इसलिए शुगर फ्री मिठाई खरीदते समय उसके पैकेट पर दी गई पोषण संबंधी जानकारी जरूर पढ़ें। केवल शुगर फ्री लिखा होने के आधार पर इसे सुरक्षित न मानें।
त्योहार में दवा और ब्लड शुगर की जांच न भूलें
दीपावली की तैयारियों और भागदौड़ के बीच कई बार लोग समय पर खाना खाने, दवाइयां लेने और ब्लड शुगर की जांच करने में लापरवाही कर देते हैं। डायबिटीज के मरीजों को ऐसा करने से बचना चाहिए।
डॉक्टर ने जिस समय दवा या इंसुलिन लेने की सलाह दी है, उसका नियमित पालन करें। जरूरत के अनुसार ब्लड शुगर की जांच करते रहें। भोजन के बाद 10 से 15 मिनट की हल्की सैर भी फायदेमंद हो सकती है।
ध्यान रखें: डायबिटीज के मरीजों के लिए मिठाई पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है, लेकिन मिठाई का चुनाव, उसकी मात्रा और कुल कार्बोहाइड्रेट का ध्यान रखना जरूरी है। अपनी सेहत और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही त्योहार के खानपान की योजना बनाएं।




