
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और आगामी धार्मिक आयोजनों को लेकर स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में शामिल होने के लिए एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार अयोध्या पहुंचे। बैठक के बाद उन्होंने राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
बैठक में आगामी पर्वों और धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने, बेहतर समन्वय और आवश्यक तैयारियों पर जोर दिया गया।
दीपोत्सव और कार्तिक मास के आयोजनों पर विशेष ध्यान
एडीजी प्रवीण कुमार ने 7 नवंबर को आयोजित होने वाले दसवें दीपोत्सव की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कार्तिक मास अयोध्या के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पहुंचते हैं।
कार्तिक मास में होने वाली 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा तथा कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस प्रशासन का उद्देश्य इन सभी आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना है।
तकनीक और जनसहयोग से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
एडीजी ने बताया कि राम जन्मभूमि की सुरक्षा को लेकर स्थायी सुरक्षा समिति की बैठक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। ऐसी बैठकों में आगामी पर्वों और विशेष आयोजनों के दौरान सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर चर्चा की जाती है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत एवं व्यवस्थित बनाने के लिए समय-समय पर जरूरी बदलाव किए जाते हैं। इसमें आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के साथ स्थानीय लोगों का विश्वास और सहयोग हासिल करने पर भी जोर दिया जाएगा।
एडीजी प्रवीण कुमार के अनुसार, कार्तिक मास के सभी धार्मिक कार्यक्रमों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन आवश्यक तैयारियां कर रहा है।




