
- दैनिक प्रथम मंच ब्यूरो
वाराणसी। गाजीपुर जनपद में दोपहिया वाहनों की चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ गाजीपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। स्वाट टीम, सर्विलांस सेल और जंगीपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मध्यरात्रि में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही पर 16 दोपहिया वाहनों से संबंधित बरामदगी की है। इसमें 15 मोटरसाइकिलें तथा एक मोटरसाइकिल का इंजन और अन्य कटे हुए पार्ट्स शामिल हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल फोन और 450 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, बरामद वाहनों में से कुछ के संबंध में गाजीपुर के विभिन्न थानों के साथ वाराणसी के चौबेपुर थाने में भी चोरी के मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित आर्थिक लाभ के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों से मोटरसाइकिलें चोरी करते थे और बाद में उनके पार्ट्स अलग-अलग कर बेच देते थे। पुलिस अन्य बरामद वाहनों के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
मुखबिर की सूचना पर आधी रात को कार्रवाई
अपर पुलिस महानिदेशक वाराणसी जोन के निर्देशन, पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र के पर्यवेक्षण और पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के नेतृत्व में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर की मध्यरात्रि को स्वाट टीम तथा जंगीपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान विश्वसनीय मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की। अलग-अलग स्थानों से चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस इस कार्रवाई को पिछले कुछ वर्षों में जनपद में वाहन चोरी के विरुद्ध की गई प्रमुख कार्रवाइयों में से एक बता रही है।
एक ही गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपित
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रवेश राजभर (25), पुत्र लोरिक राजभर, अतुल सिंह (29), पुत्र अजय कुमार सिंह और नीरज राजभर (26), पुत्र कन्हैया राजभर के रूप में हुई है। तीनों गाजीपुर जिले के सादात थाना क्षेत्र के कटया गांव के निवासी हैं।
पुलिस के अनुसार, प्रवेश मुंबई में पेंटर का काम करता है, जबकि अतुल निजी तौर पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का काम करता है। नीरज घर पर रहकर कृषि कार्य करता है।
गाजीपुर के साथ वाराणसी में भी दर्ज है चोरी का मामला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में बरामद वाहनों में से छह के संबंध में गाजीपुर के विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के मामलों का पता चला है। इनमें कोतवाली में दो, जंगीपुर में दो, करंडा में एक और सैदपुर में एक मामला शामिल बताया गया है। इसके अतिरिक्त वाराणसी के चौबेपुर थाने में भी एक वाहन चोरी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
अन्य बरामद मोटरसाइकिलों के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है, ताकि उनके वास्तविक मालिकों और चोरी की घटनाओं का पता लगाया जा सके।
चोरी के बाद काट देते थे मोटरसाइकिलों के पार्ट्स
पूछताछ में आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि वे आर्थिक लाभ कमाने के लिए भीड़भाड़ वाले स्थानों से दोपहिया वाहन चोरी करते थे। इसके बाद मोटरसाइकिलों को अलग-अलग हिस्सों में काटकर उनके पार्ट्स बेच देते थे। पुलिस इस जानकारी का स्वतंत्र सत्यापन कर रही है और गिरोह की गतिविधियों के संबंध में विस्तृत विवेचना जारी है।
बरामद वाहनों में स्प्लेंडर प्लस, सुपर स्प्लेंडर, एचएफ डीलक्स, बजाज एक्ससीडी और सीबीजेड एक्सट्रीम जैसी मोटरसाइकिलें शामिल हैं। एक मोटरसाइकिल के इंजन और चेसिस नंबर में अंतर भी पाया गया है, जबकि एक अन्य वाहन के इंजन और चेसिस नंबर उपलब्ध नहीं बताए गए हैं।
जंगीपुर थाने में मुकदमा दर्ज
इस मामले में जंगीपुर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 227/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 2(30), 317(2), 317(5) और 318(4) में अभियोग दर्ज किया गया है। पुलिस ने बरामद वाहनों को नियमानुसार कब्जे में लेकर सील किया है। गिरफ्तारी और बरामदगी की कार्रवाई की वीडियोग्राफी तथा फोटोग्राफी ई-साक्ष्य के माध्यम से कराई गई है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, तीनों आरोपितों के नाम जंगीपुर थाने में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 225/2026 में भी सामने आए हैं। इसके अतिरिक्त प्रवेश राजभर के खिलाफ सादात थाने में आयुध अधिनियम के तहत वर्ष 2023 का एक मामला और अतुल सिंह के खिलाफ खानपुर थाने में वर्ष 2025 का एक मामला दर्ज होने का उल्लेख है। इन मामलों की स्थिति और आरोपों का निस्तारण संबंधित अभिलेखों के अनुसार होगा।
स्वाट, सर्विलांस और जंगीपुर पुलिस की संयुक्त टीम
कार्रवाई में स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेन्द्र प्रताप सिंह, सर्विलांस सेल प्रभारी उपनिरीक्षक सुमित बालियान, जंगीपुर थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक ओमप्रकाश और मंडी समिति चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक पन्नेलाल यादव समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
गाजीपुर पुलिस का कहना है कि संगठित आपराधिक गतिविधियों और वाहन चोरी में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। बरामद वाहनों के अन्य मामलों से संबंधों का पता लगाने और गिरोह की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने के लिए आगे की जांच की जा रही है।




