
-जलस्तर सामान्य होने के बाद मूल स्थान पर लौटी गंगा आरती, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में डटे रहे
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। धर्म और आध्यात्म की नगरी काशी के विश्व प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट पर बुधवार को मां गंगा की भव्य आरती में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा का जलस्तर सामान्य होने के बाद आरती अपने मूल स्थान पर पुनः शुरू होने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां गंगा की दिव्य आरती के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचे। शाम ढलते ही पूरा दशाश्वमेध घाट भक्तों की भीड़ से गुलजार हो उठा। मां गंगा के जयकारों, शंखनाद और घंट-घड़ियाल की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
गंगा आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आराधना कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। देश के विभिन्न हिस्सों से काशी पहुंचे श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों ने भी इस दिव्य आयोजन में सहभागिता की। घाट पर उमड़ी भारी भीड़ ने काशी की धार्मिक महत्ता और गंगा आरती के प्रति लोगों की अटूट आस्था का अद्भुत नजारा प्रस्तुत किया।
आरती के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए दशाश्वमेध पुलिस पूरी सतर्कता के साथ सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटी रही। आरती संपन्न होने के बाद जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु एक साथ घाट से बाहर निकलने लगे, तो रास्तों पर भीड़ का दबाव बढ़ने लगा। ऐसी स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आवागमन को सुचारु बनाए रखना पुलिस के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी थी। दशाश्वमेध पुलिस की सक्रियता और सतर्कता के बीच भीड़ को व्यवस्थित रखने के प्रयास लगातार जारी रहे।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था की कमान
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और उन्हें सुरक्षित तरीके से घाट से बाहर निकालने की व्यवस्था संभाली। दशाश्वमेध पुलिस के जवान भी पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते नजर आए।
आरती संपन्न होने के बाद एक साथ बाहर निकलने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पुलिस ने आवागमन सुचारु बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया। पुलिसकर्मी लगातार लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे, ताकि अनावश्यक धक्का-मुक्की और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। भीड़ के बीच दशाश्वमेध पुलिस की सक्रिय मौजूदगी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन की सतर्कता को प्रदर्शित किया।
आस्था के जनसैलाब के बीच दशाश्वमेध पुलिस की मुस्तैदी बनी सुरक्षा का मजबूत आधार
दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां गंगा की आरती के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में आरती के दौरान और आयोजन समाप्त होने के बाद भीड़ का बेहतर प्रबंधन श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
बुधवार को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दशाश्वमेध पुलिस पूरी सतर्कता के साथ डटी रही। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मी भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन को सुचारु बनाए रखने में जुटे रहे।
एक ओर दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया, तो दूसरी ओर दशाश्वमेध पुलिस की मुस्तैदी ने सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को रेखांकित किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिसकर्मियों की सक्रियता और मौके पर अधिकारी की मौजूदगी ने भीड़ प्रबंधन में पुलिस की भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा। मां गंगा की आरती के दिव्य वातावरण के बीच दशाश्वमेध पुलिस श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने के लिए मुस्तैदी से डटी रही।




