
-प्लेटफॉर्म, प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और संरक्षा उपकरणों की परखी हकीकत; निर्माणाधीन सिधवलिया गुड्स शेड के कार्यों की भी समीक्षा, गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी: रेल यात्रियों की सुविधाओं में सुधार, सुरक्षित रेल परिचालन और रेलवे की आधारभूत संरचना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम)आशीष जैन ने गुरुवार को छपरा कचहरी–थावे रेलखंड का सघन निरीक्षण किया। विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण के दौरान उन्होंने मसरख अमृत भारत स्टेशन सहित रेलखंड के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं, संरक्षा व्यवस्था और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मसरख अमृत भारत स्टेशन पर यात्री सुविधाओं की समीक्षा
डीआरएम श्री आशीष जैन ने मसरख अमृत भारत स्टेशन पर यात्री सुविधाओं, संरक्षा व्यवस्था तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की प्रगति का निरीक्षण किया। उन्होंने स्टेशन परिसर में उपलब्ध सुविधाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए शेष कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में उन्होंने खैरा, पटेरही, मढ़ौरा, शामकौड़िया, राजापट्टी, दिघवारा, दुबौली, सिधवलिया, रतनसराय, मांझागढ़ और गोपालगंज स्टेशनों सहित समपार संख्या 18सी एवं 26सी का भी निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त सिधवलिया स्थित निर्माणाधीन गुड्स शेड की प्रगति का जायजा लेकर विकास कार्यों की समीक्षा की।
प्रकाश व्यवस्था से लेकर साफ-सफाई तक परखी गई व्यवस्था
स्टेशनों के निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने प्लेटफॉर्म की सतह, प्रकाश व्यवस्था, सर्कुलेटिंग एरिया, शौचालयों और साफ-सफाई की स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने स्टेशन परिसरों में यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए।
सर्कुलेटिंग एरिया में स्थापित हाई मास्ट लाइट को दुरुस्त करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि यात्रियों को पर्याप्त रोशनी मिल सके और स्टेशन परिसर में आवागमन अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित बनाया जा सके।
संरक्षा उपकरणों की कार्यशीलता की जांच, कर्मचारियों से पूछे परिचालन संबंधी सवाल
रेल परिचालन में सुरक्षा और संरक्षा की अहमियत को देखते हुए डीआरएम ने स्टेशन मास्टर एवं पॉइंट मैन से गाड़ियों के परिचालन तथा संरक्षा संबंधी नियमों की जानकारी ली। उन्होंने स्टेशन की पैनल इंटरलॉकिंग, डाटा लॉगर, आपातकालीन बटन, संकेतक एवं डिस्प्ले, संचार उपकरण, समपार फोन और अग्निशमन यंत्रों की कार्यशीलता की जांच की।
इसके साथ ही उन्होंने संबंधित कर्मचारियों की योग्यता, कार्यकुशलता और तत्परता का आकलन किया तथा आवश्यक रजिस्टरों का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया गया कि संरक्षा से जुड़े सभी उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रहें और निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए।
विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
निरीक्षण के दौरान डीआरएम श्री आशीष जैन ने अधिकारियों को यात्री सुविधाओं में निरंतर सुधार करने और स्टेशनों पर उपलब्ध संसाधनों का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रेल परिचालन की संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्माणाधीन सिधवलिया गुड्स शेड सहित अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता मानकों का पालन करने तथा कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ मंडल इंजीनियर श्री ब्रह्मानंद, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर-द्वितीय श्री अमित मणि त्रिपाठी, वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक श्री बालेन्द्र पाल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सुश्री प्रशस्ति श्रीवास्तव, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) कुंवर सिंह यादव, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (कर्षण) सौरभ राठौर, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी आशुतोष पाण्डेय, सहायक मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर (छपरा) अशोक कुमार तथा सहायक मंडल इंजीनियर (छपरा) अरविन्द राय सहित अन्य वरिष्ठ पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।




