
-प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था बदहाल, घरों के आसपास गंदे पानी का जमाव; दुर्गंध और मच्छरों से ग्रामीण परेशान, मरम्मत के लिए आखिर किसका इंतजार कर रहा प्रशासन?
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। राजातालाब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के आराजी लाइन विकासखंड अंतर्गत ग्राम सभा रानी बाजार, कचनार, राजातालाब में जल निकासी की बदहाल व्यवस्था ने स्थानीय नागरिकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क किनारे बना भूमिगत नाला क्षतिग्रस्त और जर्जर होने के कारण जल निकासी प्रभावित होने की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, नाले की खराब स्थिति के चलते घरों के आसपास गंदा पानी जमा हो रहा है। दुर्गंध और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से लोग परेशान हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान को लेकर अब तक ठोस पहल की मांग की जा रही है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब ग्रामीणों को रोजमर्रा की जिंदगी में इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है, तो संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारी इस ओर प्रभावी कदम कब उठाएंगे?
जर्जर नाला बना परेशानी का सबब, गंदे पानी के जमाव से ग्रामीण बेहाल
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह पटेल द्वारा बनवाया गया भूमिगत नाला अब क्षतिग्रस्त अवस्था में है। नाले की मौजूदा स्थिति के कारण पानी की निकासी सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है और घरों के आसपास गंदा पानी जमा होने की समस्या बनी हुई है।
जल निकासी जैसी बुनियादी सुविधा की बदहाली ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि नाले की समय रहते मरम्मत कराई जाती, तो संभवतः समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता था। अब जरूरत केवल अस्थायी सफाई की नहीं, बल्कि नाले की स्थिति की तकनीकी जांच कराकर स्थायी समाधान निकालने की है।
दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप, स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं ने बढ़ाई परेशानी
गंदे पानी का जमाव केवल असुविधा का विषय नहीं है, बल्कि स्वच्छता और जनस्वास्थ्य से भी जुड़ा गंभीर मुद्दा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जमा पानी से दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। इससे आसपास रहने वाले परिवारों को बीमारियों का खतरा सता रहा है।
ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग तत्काल मौके का निरीक्षण करें और जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराएं, ताकि लोगों को गंदगी और दुर्गंध से राहत मिल सके।
सवाल यह भी है कि जब जल निकासी की समस्या लोगों के जीवन को प्रभावित कर रही है, तो इसका स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं किया जा रहा है?
ग्राम प्रधान ने बताई समस्या, फिर भी समाधान की दरकार
ग्राम प्रधान अनिल मोदनवाल ने भी समुचित जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को हो रही परेशानी की बात बताई है। ऐसे में नाले की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराकर उसकी मरम्मत और पानी की निकासी का उचित प्रबंध करना आवश्यक है।
स्थानीय स्तर पर समस्या सामने आने के बाद संबंधित अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मामले को गंभीरता से लें और केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करें।
विकास के दावों के बीच बुनियादी सुविधा पर सवाल, आखिर जिम्मेदार खामोश क्यों?
वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण शहर और उसके ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी, स्वच्छता तथा नालों का रखरखाव नागरिक सुविधाओं का अहम हिस्सा है। ऐसे में रानी बाजार के ग्रामीणों की शिकायत संबंधित विभागों की जवाबदेही पर सवाल खड़े करती है।
आखिर क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत की जिम्मेदारी किस विभाग की है? क्या नाले की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण किया गया है? यदि समस्या पहले से मौजूद है, तो उसके समाधान के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं? और सबसे अहम सवाल—क्या ग्रामीणों को अपनी बुनियादी समस्या के समाधान के लिए बार-बार गुहार लगानी पड़ेगी?
इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
ग्रामीणों की मांग—मौके पर पहुंचे अधिकारी, हो स्थायी समाधान
रानी बाजार के ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त नाले का निरीक्षण करें। नाले की मरम्मत के साथ गंदे पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए और भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए स्थायी कार्ययोजना तैयार की जाए।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें हैं:
- क्षतिग्रस्त भूमिगत नाले की तत्काल जांच और मरम्मत।
- घरों के आसपास जमा गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था।
- दुर्गंध और मच्छरों की समस्या से राहत के लिए आवश्यक सफाई।
- नाले के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी तय करना।
- संबंधित अधिकारियों द्वारा मौके पर निरीक्षण कर कार्रवाई सुनिश्चित करना।
अब देखना होगा कि शिकायत पर कार्रवाई होती है या ग्रामीणों की परेशानी बनी रहती है
रानी बाजार में जल निकासी की बदहाली स्थानीय नागरिकों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे।
अब निगाहें प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं। जरूरत इस बात की है कि समस्या की वास्तविक स्थिति का आकलन कर समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाए, ताकि लोगों को गंदे पानी के जमाव, दुर्गंध और मच्छरों के प्रकोप से राहत मिल सके।
जनहित में उठता सबसे बड़ा सवाल—रानी बाजार के ग्रामीण कब तक जर्जर नाले और बदहाल जल निकासी की समस्या झेलते रहेंगे? आखिर जिम्मेदारों की चुप्पी कब टूटेगी और धरातल पर कार्रवाई कब दिखाई देगी?





