
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। साल में चार बार नवरात्रि आती हैं, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि को प्रमुख माना जाता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है।
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू होकर 20 अक्टूबर तक चलेंगी। तिथियों के अनुसार इस बार नवरात्रि 10 दिनों की होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत जिस दिन होती है, उसी के आधार पर मां दुर्गा के आगमन के वाहन का निर्धारण किया जाता है। इस बार मां दुर्गा के हाथी पर सवार होकर आने की मान्यता है, जबकि विदाई घोड़े पर होगी।
हाथी पर मां दुर्गा का आगमन क्यों माना जाता है शुभ?
धार्मिक मान्यताओं में मां दुर्गा का वाहन सिंह माना जाता है, लेकिन नवरात्रि के दौरान उनके आगमन और प्रस्थान के वाहन अलग-अलग हो सकते हैं। इनका निर्धारण नवरात्रि की शुरुआत और समाप्ति के दिन के आधार पर किया जाता है।
मान्यता है कि जब नवरात्रि की शुरुआत रविवार के दिन होती है तो मां दुर्गा का वाहन हाथी होता है। हाथी को सुख, समृद्धि, ज्ञान और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है। इसी वजह से मां का हाथी पर आगमन शुभ संकेत के तौर पर देखा जाता है।
घोड़े पर होगी मां दुर्गा की विदाई
इस बार शारदीय नवरात्रि का समापन 20 अक्टूबर, मंगलवार को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार को मां दुर्गा का वाहन घोड़ा माना जाता है। इसलिए इस बार मां की विदाई घोड़े पर होने की मान्यता है।
धार्मिक परंपराओं में घोड़े को गति और शक्ति से जोड़ा जाता है। कुछ मान्यताओं में मां की घोड़े पर विदाई को सत्ता और शासन में बदलाव अथवा राजनीतिक परिस्थितियों में उतार-चढ़ाव से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, ये धार्मिक मान्यताएं हैं और इनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।
मां के हाथी पर आने से जुड़ी मान्यताएं
अच्छी बारिश और फसल की उम्मीद
धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा के हाथी पर आगमन को अच्छी वर्षा और बेहतर कृषि उपज का संकेत माना जाता है। इससे किसानों के लिए अनुकूल परिस्थितियों और अन्न-धन की समृद्धि की उम्मीद जोड़ी जाती है।
सुख-समृद्धि और खुशहाली
हाथी को स्थिरता, ऐश्वर्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि मां का हाथी पर आगमन घर-परिवार में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि का संकेत देता है।
शुभ समाचार की मान्यता
नवरात्रि में मां दुर्गा की श्रद्धापूर्वक पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होने और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की धार्मिक मान्यता है। नौकरी, करियर, व्यापार और अन्य क्षेत्रों में शुभ परिणाम मिलने की उम्मीद भी भक्तों द्वारा की जाती है।
हालांकि, किसी व्यक्ति के भविष्य, नौकरी, करियर या आर्थिक स्थिति में बदलाव को केवल धार्मिक मान्यताओं के आधार पर निश्चित नहीं माना जा सकता।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई धार्मिक मान्यताएं विभिन्न परंपराओं और आस्थाओं पर आधारित हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के रूप में न लें। धार्मिक अनुष्ठान या किसी विशेष निर्णय के लिए संबंधित विशेषज्ञ या विद्वान की सलाह लेना उचित है।




