
-राहत आयुक्त ने डीएम को प्रभावित परिवारों से मिलकर तत्काल सहायता देने के दिए निर्देश
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। लखनऊ, 26 सितंबर। प्रदेश में पिछले 48 घंटे से जारी भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के बीच राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने सभी प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों की समस्याओं का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटे में सामान्य से 19 गुना अधिक वर्षा हुई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना तथा कन्नौज, कानपुर देहात और हरदोई में 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई।
अतिवृष्टि और आंधी-तूफान से अब तक 15 लोगों की मौत, चार पशुहानि, 117 मकान क्षतिग्रस्त और पांच लोगों के घायल होने की सूचना है। सबसे अधिक चार जनहानियां लखीमपुर खीरी में हुई हैं, जबकि अयोध्या में दो तथा अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक जनहानि हुई है।
राहत आयुक्त ने प्रभावितों को अनुमन्य सहायता राशि तत्काल उपलब्ध कराने, घायलों का समुचित उपचार कराने और मकान व फसल क्षति का शीघ्र सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। फायर सर्विस, पीएसी, सिविल डिफेंस, होमगार्ड और आपदा मित्रों को आवश्यकता के अनुसार सक्रिय रखने को कहा गया है।
नेपाल में भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नदियों के जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन को अलर्ट किया गया है। डीएम को स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 36 घंटे के बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। आपदा की स्थिति में राहत हेल्पलाइन 1070 पर सूचना दी जा सकती है।




