
-थाना कार्यालय के अभिलेखों एवं रजिस्टरों को अद्यतन व व्यवस्थित रखने तथा निरोधात्मक कार्यवाही हेतु अपराधियों के चिन्हीकरण के दिए गए आवश्यक दिशा-निर्देश
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी। चन्दौलीपुलिस अधीक्षक चन्दौली आकाश पटेल द्वारा अपर पुलिस अधीक्षक सदर अनंत चन्द्रशेखर की उपस्थिति में जनपद के समस्त थानों के हेड मोहर्रिर एवं मुंशीगण के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक द्वारा थाना कार्यालय में रखे जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण अभिलेखों, रजिस्टरों एवं दस्तावेजों की समीक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध रूप से अद्यतन, व्यवस्थित एवं सुरक्षित रखने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
थाना कार्यालय की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाए रखने हेतु अपराध रजिस्टर, सामान्य दैनिकी (जी.डी.), मालखाना रजिस्टर, ग्राम अपराध रजिस्टर, हिस्ट्रीशीट रजिस्टर, शिकायत/प्रार्थना पत्र रजिस्टर तथा सम्मन एवं वारंटी रजिस्टर आदि को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पूर्ण एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक ने निर्देशित किया कि सभी रजिस्टरों एवं अभिलेखों में प्रविष्टियां नियमानुसार एवं समय से की जाएं। किसी भी अभिलेख में अनावश्यक रूप से प्रविष्टियां लंबित न रहें तथा प्रत्येक रजिस्टर निर्धारित प्रारूप के अनुरूप पूर्ण एवं व्यवस्थित स्थिति में रखा जाए।
इसके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा निरोधात्मक कार्यवाही हेतु अपराधियों के चिन्हीकरण तथा गुंडा अधिनियम के तहत प्रेषित की जाने वाली रिपोर्ट की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्देशित किया कि असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा गुंडा एक्ट के अंतर्गत भेजी जाने वाली रिपोर्ट तथ्यपरक, स्पष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण हो।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि थाना कार्यालय के अभिलेख पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके रखरखाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी हेड मोहर्रिर एवं मुंशी यह सुनिश्चित करें कि थाना कार्यालय में रखे जाने वाले समस्त रजिस्टर क्रमबद्ध, साफ-सुथरे, पूर्ण एवं अद्यतन स्थिति में रहें, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अभिलेख तत्काल उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक के दौरान थाना कार्यालय में प्राप्त होने वाली सूचनाओं, अभियोगों, प्रार्थना पत्रों एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यवाहियों से संबंधित अभिलेखों में आवश्यक प्रविष्टियां समय से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही सभी हेड मोहर्रिर एवं मुंशीगण को अपने-अपने थाना कार्यालय में अभिलेखों एवं रजिस्टरों का नियमित निरीक्षण करते हुए लंबित अथवा अपूर्ण प्रविष्टियों को तत्काल पूर्ण कराने के लिए निर्देशित किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि अभिलेखों एवं रजिस्टरों के रखरखाव में किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर संबंधित की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।
बैठक के अंत में पुलिस अधीक्षक द्वारा सभी हेड मोहर्रिर एवं मुंशीगण को दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने तथा थाना कार्यालय की अभिलेखीय व्यवस्था को उच्च स्तर का बनाए रखने के निर्देश दिए गए।




