
- वाराणसी मंडल ब्यूरो
वाराणसी चंदौली चकिया कोतवाली क्षेत्र के ढोढोनपुर गांव में सर्पदंश की दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां घर में सो रहे एक 8 वर्षीय मासूम को जहरीले सर्प ने डस लिया। परिजन समय रहते उसे अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक कराने में जुट गए। हालत बिगड़ने पर जब मासूम को उपचार के लिए ले जाया गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया और गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
बताया जा रहा है कि मासूम रात में घर में सो रहा था। इसी दौरान सर्प ने उसे डस लिया। सर्पदंश की जानकारी होने के बाद परिजन घबरा गए और तत्काल चिकित्सकीय उपचार कराने के बजाय झाड़-फूंक के चक्कर में पड़ गए। इस दौरान बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
स्थिति गंभीर होने पर परिजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद गांव में भी शोक की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराया जाना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से कई मामलों में जान बचाई जा सकती है।
इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सर्पदंश जैसी आपात स्थिति में अंधविश्वास के बजाय समय पर चिकित्सा सुविधा लेने की जरूरत को सामने ला दिया है।




