
-₹58 लाख पैकेज, अपना घर और लग्जरी कार… फिर भी शादी नहीं हुई, 38 साल की महिला मैरिज मार्केट में रो पड़ी
- रिपोर्ट: ज्ञानेश वर्मा
Shanghai: चीन के शंघाई से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शादी और महिलाओं को लेकर समाज की सोच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 38 साल की एक सफल और आत्मनिर्भर महिला शंघाई के मैरिज मार्केट में अपना बायोडाटा लेकर पहुंची थी। महिला की सालाना कमाई करीब ₹58 लाख, खुद का घर और लग्जरी कार होने के बावजूद उसे शादी के लिए उपयुक्त जीवनसाथी नहीं मिल पा रहा था।
उम्र को लेकर सुनने पड़े ताने
महिला जब मैचमेकिंग पार्क पहुंची तो वहां मौजूद बुजुर्गों और मैचमेकर्स ने उसकी उम्र को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। लगातार रिजेक्शन और उम्र को लेकर की गई टिप्पणियों से महिला भावुक हो गई और सार्वजनिक रूप से फूट-फूटकर रोने लगी।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 35 वर्ष से अधिक उम्र की अविवाहित महिलाओं के लिए ‘लेफ्टओवर वुमन’ जैसे अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह धारणा उन महिलाओं के प्रति सामाजिक दबाव को दर्शाती है, जो आर्थिक रूप से स्वतंत्र होने के बावजूद विवाह को लेकर पारंपरिक अपेक्षाओं का सामना करती हैं।
सफलता के बावजूद शादी को लेकर सामाजिक दबाव
महिला आर्थिक रूप से पूरी तरह आत्मनिर्भर है। उसके पास अच्छी नौकरी, अपना घर और लग्जरी कार होने के बावजूद उसकी वैवाहिक स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। घटना ने इस बात को सामने रखा है कि कई समाजों में महिलाओं की व्यक्तिगत और आर्थिक सफलता के बावजूद उनकी पहचान को अब भी शादी और उम्र के पैमाने से आंका जाता है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर जेंडर स्टीरियोटाइप और लैंगिक असमानता को लेकर बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब कोई महिला आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सफल है, तो केवल उसकी उम्र को उसके विवाह की संभावना का आधार क्यों बनाया जाना चाहिए।
यह मामला चीन में विवाह को लेकर बदलती सोच और पारंपरिक सामाजिक अपेक्षाओं के बीच बढ़ते अंतर को भी उजागर करता है।




