
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
Varanasi: सावन के तीसरे सोमवार के पावन अवसर पर बाबा काशी विश्वनाथ की नगरी में आस्था, सेवा और समर्पण की एक ऐसी अद्भुत मिसाल देखने को मिली, जिसने 25 वर्षों से चली आ रही भक्ति और सेवा की परंपरा को गौरवपूर्ण मुकाम तक पहुंचा दिया। बांसफाटक पर वर्ष 2002 में शुरू हुई भंडारे की यह सेवा आज रजत जयंती के अवसर पर बाबा काशी विश्वनाथ के आशीर्वाद से एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुकी है।
इस पुनीत सेवा के पीछे होटल आदेश पैलेस के एम.डी. लक्ष्मीकांत मिश्रा उर्फ ‘किशमिश गुरु’ और उनका पूरा परिवार वर्षों से पूरी श्रद्धा, निष्ठा और समर्पण के साथ जुटा हुआ है। बाबा विश्वनाथ के प्रति उनकी अटूट आस्था और कांवड़ियों की सेवा के प्रति उनका समर्पण वास्तव में अनुकरणीय और प्रेरणादायी है।
लक्ष्मीकांत मिश्रा ‘किशमिश गुरु’, उनकी पत्नी सुनीता मिश्रा, बड़े बेटे आदित्य मिश्रा, बेटी अदिति मिश्रा, छोटे बेटे आदेश मिश्रा सहित परिवार के सभी सदस्य पूरे वर्ष अपनी-अपनी पांच अलग-अलग गुल्लकों में अपने पैसे एकत्र करते हैं। साल भर की इसी बचत को बाबा विश्वनाथ की सेवा में समर्पित करते हुए प्रत्येक वर्ष सावन के तीसरे सोमवार से अंतिम सोमवार तक कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है।
यह केवल प्रसाद वितरण और भंडारे का आयोजन नहीं, बल्कि एक परिवार की 25 वर्षों से चली आ रही आस्था, संस्कार, त्याग और सेवा की जीवंत गाथा है। पूरे वर्ष श्रद्धा से गुल्लकों में संचित की गई राशि जब बाबा की नगरी में प्रसाद बनकर कांवड़ियों और श्रद्धालुओं तक पहुंचती है, तो सेवा का यह भाव और भी दिव्य एवं भावपूर्ण हो उठता है। यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं होती, बल्कि जरूरतमंदों और श्रद्धालुओं की सेवा में भी बाबा विश्वनाथ के दर्शन होते हैं।
रजत जयंती के इस विशेष अवसर पर बाबा विश्वनाथ के भक्तों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों, संत-महंतों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस अनवरत सेवा कार्य की जमकर सराहना की तथा लक्ष्मीकांत मिश्रा ‘किशमिश गुरु’ एवं उनके पूरे परिवार को 25 वर्षों की निरंतर सेवा के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से मेयर अशोक तिवारी पूर्व मंत्री मनोज राय रीबू श्रीवास्तव, वरुण सिंह, विजय यादव ‘विज्जु’, बृजेश कपूर, राहुल यादव, अनुप मालवीय, अमिताभ दीक्षित, बबलू तिवारी, कमल तिवारी, अजय तिवारी, गोविंद यादव, रामाकांत श्रोत्रिय, गणेश गुप्ता, शुभम यादव, टपू शर्मा, बबलू यादव, मंटू गुप्ता, महेश पुरोहित, पी.पी. साहू, रवि जैन, मुन्नू, भूषण मिश्रा, विनोद मिश्रा (विश्वनाथ गली व्यापार मंडल अध्यक्ष), प्रभात जैन, प्रदीप जायसवाल, मोहित मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, पार्षद बच्चा साहनी, संतोष एडवोकेट, संदीप यादव, सुमित यादव, रवि जैन, मयंक जैन, कमलाकांत पांडे, पार्षद वरुण सिंह, पार्षद सुनील यादव, आकाश अग्रहरि, ईशान श्रीवास्तव,रजत केसरी, संतोष मिश्रा, सतगुरु शीतला मंदिर के महंत तथा भानु सिंह, विश्वनाथ मंदिर के महंत सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
25 वर्षों की यह गौरवपूर्ण यात्रा इस बात की मिसाल है कि जब श्रद्धा सच्ची हो, संकल्प अटूट हो और सेवा का भाव हृदय में हो, तो एक परिवार की निरंतर साधना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन जाती है। बांसफाटक पर बाबा विश्वनाथ के नाम से शुरू हुई यह सेवा आज आस्था, संस्कार और मानव सेवा का ऐसा वटवृक्ष बन चुकी है, जिसकी छांव में हर वर्ष हजारों श्रद्धालु प्रेम और प्रसाद पाते हैं।
क्षेत्रीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है की बाबा काशी विश्वनाथ से प्रार्थना है कि लक्ष्मीकांत मिश्रा ‘किशमिश गुरु’ और उनके पूरे परिवार पर अपनी कृपा सदैव बनाए रखें तथा सेवा, श्रद्धा और समर्पण की यह पावन परंपरा अनंत काल तक यूं ही निरंतर चलती रहे।




