
नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महज 30 मिनट के भीतर भारत की झोली में दो स्वर्ण पदक डाल दिए। पहले प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में गोल्ड जीता, इसके तुरंत बाद जैस्मिन लंबोरिया ने 57 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम कर देश का गौरव बढ़ाया।
प्रीति पवार ने एकतरफा मुकाबले में जीता गोल्ड
एसईसी हॉल-5 में खेले गए फाइनल मुकाबले में प्रीति पवार ने कनाडा की स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर स्वर्ण पदक जीता। मुकाबले के पहले ही राउंड से प्रीति ने आक्रामक अंदाज दिखाया और सभी पांच जजों से पूरे अंक हासिल किए। दूसरे राउंड में भी उन्होंने अपना दबदबा कायम रखा, जबकि तीसरे राउंड में रणनीतिक खेल के साथ प्रतिद्वंद्वी को कोई मौका नहीं दिया और सर्वसम्मत निर्णय से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
प्रीति का पूरे टूर्नामेंट में प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने प्री-क्वार्टर फाइनल में मलावी की डेबोरा म्टेंजे को रेफरी स्टॉप कॉन्टेस्ट (RSC) से हराया। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की निकोल क्लाइड और सेमीफाइनल में जाम्बिया की कैथरीन म्वापे को 5-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई।
जैस्मिन लंबोरिया ने भी दिलाया स्वर्ण
प्रीति की जीत के कुछ ही मिनट बाद भारतीय मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वाल्श को 5-0 से हराकर भारत को एक और स्वर्ण पदक दिलाया।
पहला राउंड 3-2 से जैस्मिन के पक्ष में रहा, लेकिन दूसरे और तीसरे राउंड में उन्होंने शानदार पंचों और आक्रामक खेल से मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बना लिया। निर्णायक प्रदर्शन के दम पर जैस्मिन ने सर्वसम्मत फैसले से खिताब अपने नाम किया।
जैस्मिन ने क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड की एलीस ग्लिन को 4-1 से हराया था, जबकि सेमीफाइनल में लिसोथो की रापेलैंग मासेलेला को 5-0 से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था।
मेडल तालिका में भारत की स्थिति मजबूत
इन दोनों स्वर्ण पदकों के साथ भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन जारी है। भारत अब 7 स्वर्ण, 12 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 25 पदक जीतकर मेडल तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया है। भारतीय महिला मुक्केबाजों की इस सफलता ने देश के पदक अभियान को नई मजबूती प्रदान की है।




