
- वाराणसी मंडल ब्यूरो पंकज झा
वाराणसी: लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर इमिग्रेशन जांच के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) और थाना फूलपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे अफगान नागरिक को गिरफ्तार किया गया है, जिसने कथित तौर पर अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल किया और उसी के सहारे शारजाह जाने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई को एयर इंडिया एक्सप्रेस की वाराणसी-शारजाह उड़ान संख्या IX-183 की प्रस्थान इमिग्रेशन जांच के दौरान भारतीय पासपोर्ट पर यात्रा कर रहे एक संदिग्ध व्यक्ति को रोका गया। दस्तावेजों के सत्यापन और पूछताछ में उसकी पहचान अब्दुल रहमान ताराकी, निवासी गजनी (अफगानिस्तान), के रूप में हुई। जांच में आरोप है कि उसने रहमान शाह के नाम से फर्जी पहचान बनाकर भारतीय पासपोर्ट प्राप्त किया था।
पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त वर्ष 2019 में मेडिकल अटेंडेंट वीजा पर भारत आया था, लेकिन वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी देश में अवैध रूप से रह रहा था। आरोप है कि भारत में रहने और विदेश यात्रा करने के उद्देश्य से उसने अपना नाम, जन्मतिथि और माता-पिता का विवरण बदलकर मुंबई स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से भारतीय पासपोर्ट बनवाया।
ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन की तहरीर पर थाना फूलपुर में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पासपोर्ट अधिनियम तथा आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम, 2025 की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने पुलिस को बताया कि उसका वास्तविक नाम अब्दुल रहमान ताराकी है और वह अफगानिस्तान के गजनी प्रांत का निवासी है। उसने स्वीकार किया कि वीजा अवधि समाप्त होने के बाद उसने कथित रूप से फर्जी भारतीय पहचान बनवाकर भारतीय पासपोर्ट हासिल किया और उसी के आधार पर विदेश जाने का प्रयास कर रहा था।
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से दो मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, जन्म प्रमाण पत्र, डोमिसाइल प्रमाण पत्र, दो सोने के रंग की अंगूठियां, एक कलाई घड़ी, 750 अमेरिकी डॉलर, 2255 यूएई दिरहम, 2060 अफगानी मुद्रा और ₹3110 भारतीय नकद बरामद किए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और बरामद सामान की वैधानिकता की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि अभियुक्त को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस कथित फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों तथा फर्जी दस्तावेज तैयार कराने वाले नेटवर्क की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है।





