
मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हालांकि, इस विषय पर अब तक शरद पवार या उनकी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में आध्यात्मिक गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके मन में शरद पवार के प्रति गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं में से एक हैं और उन्हें ऐसा निर्णय लेना चाहिए जो राष्ट्रहित में हो।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपनी व्यक्तिगत राय रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा होना शरद पवार के लिए उचित फैसला होगा।
वहीं, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता अनिल भाईदास पाटिल ने दोनों एनसीपी गुटों के संभावित एकीकरण और एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर कहा कि इस तरह की राजनीतिक चर्चाएं समय-समय पर होती रहती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में दोनों गुटों के विलय का कोई फैसला होता है तो उसका अंतिम निर्णय पवार परिवार ही करेगा।
पाटिल ने कहा कि महाराष्ट्र में पार्टी कार्यकर्ताओं का पवार परिवार के प्रति गहरा सम्मान है और परिवार जो भी निर्णय लेगा, उसे सभी कार्यकर्ता स्वीकार करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सुनेत्रा पवार का निर्णय भी पार्टी के लिए सर्वोपरि होगा।
इस बीच, शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने महाराष्ट्र सरकार की ‘मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना’ का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शुरू की गई इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। उनके अनुसार, कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और शरद पवार गुट ने शुरुआत से ही इस योजना का विरोध किया, जबकि यह योजना राज्य की लाखों महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनी है।
इनपुट : आईएएनएस




