
- रिपोर्ट: प्राची सिंह
नई दिल्ली। वर्ष 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगा साजिश मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जेल में बंद उमर खालिद और शरजील इमाम को एक बार फिर अदालत से राहत नहीं मिली। दिल्ली की एक अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी की अदालत ने शनिवार को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। बाद में अदालत ने आदेश जारी करते हुए दोनों को जमानत देने से इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान उमर खालिद की ओर से अधिवक्ता त्रिदीप पेस और शरजील इमाम की ओर से अधिवक्ता मुस्तफा ने पक्ष रखा।
ट्रायल में देरी का दिया हवाला
जमानत याचिका में दोनों आरोपियों की ओर से कहा गया कि वे पिछले करीब छह वर्षों से जेल में बंद हैं और अब तक मुकदमे की सुनवाई में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। उनका तर्क था कि बिना ट्रायल शुरू हुए लगातार हिरासत में रखना उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आरोपों पर बहस अभी भी पूरी नहीं हो सकी है।
बदली परिस्थितियों का तर्क भी नहीं आया काम
उमर खालिद की ओर से यह दलील भी दी गई कि पिछली जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायिक परिस्थितियों में बदलाव आया है। उन्होंने मई में आए एक न्यायिक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि UAPA मामलों में भी “जमानत नियम है और जेल अपवाद” के सिद्धांत को महत्व दिया गया है। हालांकि अदालत ने इन सभी तर्कों को स्वीकार नहीं किया और दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी 5 जनवरी को इस मामले में दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर चुका है, जिसके बाद निचली अदालत में नई याचिकाएं दाखिल की गई थीं।
क्या है मामला?
फरवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और प्रस्तावित राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) के विरोध के दौरान उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि यह हिंसा एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। इसी मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम समेत कई लोगों के खिलाफ UAPA और भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की सुनवाई फिलहाल जारी है।




