
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। छावनी परिषद वाराणसी एवं दीपिका कल्चरल सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित साप्ताहिक सांस्कृतिक कार्यक्रम “वरुणा संध्या” के अंतर्गत रविवार को कैंटोनमेंट स्थित नेहरू पार्क में सुगम एवं उपशास्त्रीय संगीत की मनमोहक प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायिका डॉ. ज्योति यादव ने अपने मधुर स्वर से श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने उपशास्त्रीय गायन के अंतर्गत पहाड़ी ठुमरी “सैंया बिना नहीं चैन” तथा दादरा “सांवरिया प्यारा री मोरी गुइयां” की प्रभावशाली प्रस्तुति दी। इसके बाद सुगम संगीत की श्रेणी में भजन “मंगल मूर्ति मारुति नंदन” प्रस्तुत कर भक्तिमय वातावरण का सृजन किया। कार्यक्रम का समापन उन्होंने “राम को देख कर श्री जनकनंदिनी” भजन से किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।
डॉ. ज्योति यादव की प्रस्तुति में तबले पर अनंग गुप्ता (पप्पू जी) तथा हारमोनियम पर कृपा सिन्धु ने सुमधुर संगत कर कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया।
कार्यक्रम के अंत में दीपिका कल्चरल सोसायटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कलाकारों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन छावनी परिषद के विभाग प्रमुख अजय कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन परिषद के अभियंता सचिन कुमार श्रीवास्तव ने प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रसिद्ध शहनाई वादक पं दुर्गा प्रसन्ना तनुज वर्मा सहित पर्यटन उद्योग से जुड़े उद्यमियों, कला प्रेमियों तथा बड़ी संख्या में संगीत प्रेमियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में उपस्थित श्रोताओं ने कलाकारों की प्रस्तुति की मुक्तकंठ से सराहना की और वरुणा संध्या जैसे सांस्कृतिक आयोजनों को वाराणसी की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण मंच बताया।





