
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। चंदौली साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चंदौली साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक महिला समेत तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 1.42 करोड़ रुपये की संदिग्ध धनराशि होल्ड कराई है, जबकि भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, कंप्यूटर उपकरण और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए गए हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि अभियुक्त “सत्कार निधि लिमिटेड” सहित अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर कम ब्याज दर में आसान ऋण दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी, बीमा शुल्क और अन्य चार्ज के नाम पर रकम वसूलते थे। सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को निशाना बनाया जाता था।
साइबर शिकायतों के विश्लेषण और तकनीकी जांच के दौरान राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) तथा समन्वय पोर्टल पर अभियुक्तों से जुड़े बैंक खातों के खिलाफ विभिन्न राज्यों से कुल 16 शिकायतें दर्ज पाई गईं। इसके अलावा इनके विरुद्ध गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में भी साइबर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिली है। सूचना मिलने पर कि गिरोह के सदस्य कार्यालय बंद कर साक्ष्य हटाने की तैयारी में हैं, प्रभारी साइबर थाना के नेतृत्व में गठित टीम ने चंदौली स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। पुलिस को देखते ही कुछ लोग सामान लेकर भागने लगे, जिन्हें घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे फर्जी वित्तीय संस्थानों का संचालन कर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को ऋण दिलाने का लालच देते थे। इसके लिए विभिन्न बैंकों में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाए गए थे। देशभर में होने वाली साइबर ठगी की रकम इन्हीं खातों में मंगाई जाती थी, जिसके बाद गिरोह अपने हिस्से का कमीशन काटकर शेष धनराशि अन्य सहयोगियों के माध्यम से ट्रांसफर कर देता था।
गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान विरेन्द्र कुमार, आशीष पटवा और सोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से 03 सीपीयू, 03 मॉनिटर, 02 प्रिंटर, 350 पासबुक, 03 फर्जी आधार कार्ड, 03 स्मार्टफोन, 11 मोहरें, 21 रजिस्टर, ब्लैंक चेक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक ने जनसामान्य से अपील की है कि किसी भी संस्था के झांसे में आकर ऋण या निवेश के नाम पर धनराशि जमा न करें। साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।




