
वाराणसी। पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए शनिवार को सर्किट हाउस सभागार, वाराणसी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत तथा नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने की। इस दौरान योजना के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में ऊर्जा मंत्री ने कहा कि योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऋण प्रक्रिया को सरल बनाया जाए तथा आवेदकों से केवल न्यूनतम आवश्यक दस्तावेज ही लिए जाएं, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जाए और किसी भी पात्र आवेदक का आवेदन बिना उचित कारण के निरस्त न किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि पीएम सूर्य घर योजना का लाभ तेजी से आम जनता तक पहुंचे और लोगों को स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा का लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने योजना की वर्तमान प्रगति, प्राप्त आवेदनों की स्थिति तथा ऋण वितरण प्रक्रिया की जानकारी प्रस्तुत की। ऊर्जा मंत्री ने लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और कार्यों में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।
ए.के. शर्मा ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना न केवल नागरिकों के बिजली बिल में कमी लाने में सहायक होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आवेदकों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके।
बैठक के अंत में मंत्री ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना सरकार की जनकल्याणकारी पहल है और इसे सफल बनाना सभी संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है।




