
- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। प्रयागराज संगम सांस्कृतिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से मनोवैज्ञानिक नाटक ‘द डेयरिंग फैंटेसी’ का प्रभावशाली मंचन बेनहर स्कूल एंड कॉलेज, करेली में किया गया। नाटक ने मानव मन की चेतन और अवचेतन अवस्थाओं के बीच चलने वाले संघर्ष को सशक्त ढंग से प्रस्तुत करते हुए दर्शकों को भावुक करने के साथ गहन चिंतन के लिए भी प्रेरित किया।
सशक्त अभिनय, प्रभावशाली संवाद और संवेदनशील प्रस्तुति ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। निर्देशक सुबोध सिंह के कुशल निर्देशन तथा संगीत, मंच सज्जा और तकनीकी पक्षों ने नाटक को और अधिक प्रभावी बना दिया।मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात चित्रकार रवीन्द्र कुशवाहा ने कहा कि ऐसे विचारोत्तेजक नाटक मनोरंजन के साथ-साथ युवाओं को मानसिक और सामाजिक मुद्दों पर सोचने की प्रेरणा देते हैं।
वरिष्ठ रंगकर्मी शैलेश श्रीवास्तव ने इसे मानव मन की जटिलताओं का सशक्त मंचीय चित्रण बताया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ नाट्य निर्देशक स्वर्गीय तारीख खान को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।




