
- रिपोर्ट: प्रतीक वार्ष्णेय
हाथरस। जनपद हाथरस में अवैध कॉलोनियों और अवैध प्लॉटिंग का खेल एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। ग्राम चमार पट्टी क्षेत्र में गाटा संख्या 79, 136 और 73/2 पर चल रहे कथित अवैध कॉलोनी निर्माण मामले में अब प्रशासनिक जांच के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता सिद्धार्थ कुमार द्वारा लगातार उठाई जा रही आवाज के बाद प्रशासन को आखिरकार जांच करनी पड़ी, जिसमें कॉलोनी संचालकों पर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सही पाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2026 में मुख्यमंत्री पोर्टल और जिला प्रशासन से की गई शिकायतों के बाद मामला तूल पकड़ गया था। हाल ही में अपर जिला अधिकारी स्तर से कराई गई जांच में गाटा संख्या 136 में कई प्लॉटों पर बाउंड्रीवाल और निर्माण कार्य पाया गया। वहीं गाटा संख्या 79 में भी बिना स्वीकृति अवैध प्लॉटिंग किए जाने की पुष्टि हुई है।

सबसे ज्यादा चर्चा गाटा संख्या 73/2 की हो रही है, जहां कथित रूप से “कृष्णा फार्म हाउस” का निर्माण नियमों को ताक पर रखकर किया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित राजस्व अभिलेख, नक्शे और जांच रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद अपर जिला अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। इसी बीच कॉलोनी आयोजक द्वारा 5 तारीख को एक आवेदन भी प्रशासन को दिया गया है, जिसके बाद अब पूरा मामला जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंच चुका है। शहर में चर्चा है कि अब देखना यह होगा कि जिलाधिकारी इस मामले में क्या बड़ा कदम उठाते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जांच में दोष सिद्ध हो चुका है तो आखिर अब तक बुलडोजर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या भूमाफियाओं पर एफआईआर दर्ज होगी या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?
शिकायतकर्ता सिद्धार्थ कुमार ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध निर्माणों को तत्काल ध्वस्त कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में सरकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वालों पर लगाम लग सके।
अब पूरे हाथरस की निगाहें जिलाधिकारी कार्यालय पर टिकी हैं —
- क्या चलेगा बुलडोजर?
- क्या होगी एफआईआर?
- या फिर रसूख के आगे दब जाएगा पूरा मामला?





