
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद All India Trinamool Congress के भीतर अब अंदरूनी कलह तेज होती नजर आ रही है। पार्टी सुप्रीमो Mamata Banerjee के एक फैसले ने टीएमसी सांसदों के बीच असंतोष बढ़ा दिया है। लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) पद से काकोली घोष दस्तीदार को हटाकर Kalyan Banerjee की नियुक्ति किए जाने के बाद पार्टी के भीतर विरोध के स्वर खुलकर सामने आने लगे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीएमसी के कई सांसद, खासकर महिला सांसद, इस फैसले से नाराज बताए जा रहे हैं। विरोध की मुख्य वजह कल्याण बनर्जी पर पहले भी महिला सांसदों के साथ कथित अभद्र व्यवहार के आरोप लगना है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में पार्टी की 11 महिला सांसदों के बीच इस नियुक्ति को लेकर खासा असंतोष है।
यह नियुक्ति ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हुई पार्टी की एक अंदरूनी बैठक के दौरान की गई थी। इसके बाद से पार्टी में अंदरूनी खींचतान और बढ़ गई है तथा बगावत की आशंका भी जताई जा रही है।
गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी पहले भी विवादों में रह चुके हैं। पिछले वर्ष टीएमसी सांसद Mahua Moitra के साथ उनकी तीखी बहस सुर्खियों में आई थी। उस दौरान महुआ मोइत्रा ने उनके कथित विवादित बयान पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी। विवाद बढ़ने के बाद कल्याण बनर्जी को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
अब एक बार फिर उनकी वापसी ने पार्टी के भीतर नए विवाद को जन्म दे दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि पार्टी नेतृत्व जल्द स्थिति संभालने में सफल नहीं हुआ तो टीएमसी के भीतर यह असंतोष और गहरा सकता है।




