- रिपोर्ट: पंकज झा
वाराणसी। उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण के लिए आज तहसील राजातालाब के सभागार में ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ का आयोजन जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार की अध्यक्षता में किया गया। जनसुनवाई के दौरान फरियादियों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिन्हें जिलाधिकारी ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना। इस दौरान पुलिस और राजस्व विभाग से जुड़े कई मामलों में दोनों विभागों के समन्वय से मौके पर ही समाधान की प्रक्रिया भी अपनाई गई।
जिलाधिकारी ने लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण समाधान धरातल पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि तय समय सीमा में कार्य पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में प्राथमिकता और संवेदनशीलता बरती जाए, ताकि आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही यह भी कहा गया कि हर शिकायतकर्ता के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित किया जाए तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
भूमि विवादों और अवैध कब्जे से जुड़े मामलों के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित करने के निर्देश दिए। इन टीमों को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण के बाद निष्पक्ष जांच करते हुए विधिक समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया है।इस तहसील दिवस में कुल 246 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से लगभग 10 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।





