
लखनऊ : अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘गिरगिट’ वाले बयान को लेकर कड़ा पलटवार किया है। सपा प्रमुख ने कहा कि असल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ही महत्वपूर्ण मुद्दों पर बार-बार अपना रुख बदलती रहती है।
पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP की महिलाओं को आरक्षण देने की कोई मंशा नहीं है और वह वर्षों से डेटा इकट्ठा करने के नाम पर इसे टाल रही है। उन्होंने कहा, “कई सालों से डेटा इकट्ठा किया जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि BJP महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती। मुख्यमंत्री की भाषा देखिए, वे सदन में ‘गिरगिट’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि असल में BJP के नेता ही बार-बार रंग बदलते हैं।”
सपा प्रमुख ने यह भी दावा किया कि नए संसद भवन के उद्घाटन के दौरान सभी विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन किया था। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनाव के दौरान जानबूझकर संसद सत्र बुलाया गया, ताकि विपक्षी दल चुनाव प्रचार से दूर रहें।
अखिलेश यादव ने कहा, “BJP यह नैरेटिव बनाने की कोशिश कर रही है कि विपक्ष आरक्षण के खिलाफ है, जबकि हकीकत इसके उलट है। जब नया संसद भवन शुरू हुआ था, तब सभी विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का समर्थन किया था। लेकिन चुनावों के बीच सत्र बुलाकर सरकार ने विपक्ष को घेरने की रणनीति बनाई। साथ ही महिला आरक्षण के साथ परिसीमन का मुद्दा जोड़ने की भी कोशिश की गई।”
दरअसल, यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब विधानसभा में योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा था कि “गिरगिट भी उतने रंग नहीं बदलता, जितने विपक्ष बदलता है।” उन्होंने महिला आरक्षण संशोधन अधिनियम का विरोध करने को लेकर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा था कि विपक्ष का रवैया देखकर “गिरगिट भी शर्मिंदा हो जाएगा।”





