
- जन जन की आवाज पंकज झां की कलम से✍️✍️
वाराणसी। रामनगर थाना अंतर्गत भीटी ग्राम सभा क्षेत्र इन दिनों एक गंभीर समस्या से जूझ रहा है, जिसे नजरअंदाज करना अब संभव नहीं रह गया है। जैसे ही शाम का सूरज ढलता है, पूरा इलाका गहरे अंधेरे की चादर में लिपट जाता है। सड़कों पर एक भी स्ट्रीट लाइट जलती हुई दिखाई नहीं देती, मानो रोशनी ने इस क्षेत्र से अपना नाता ही तोड़ लिया हो। यह अंधेरा केवल आंखों को ही नहीं, बल्कि लोगों के जीवन को भी प्रभावित कर रहा है। ग्रामीणों के लिए शाम के बाद घर से निकलना किसी जोखिम से कम नहीं है। रोजमर्रा के काम, बच्चों की पढ़ाई, बाजार से वापसी—हर छोटी-बड़ी जरूरत इस अंधेरे के कारण मुश्किल बन गई है। सड़कों पर चलते वक्त दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है, वहीं असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का डर भी लोगों के मन में गहराने लगा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार इस समस्या को उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई। ग्राम प्रधान और जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी लोगों के मन में सवाल खड़े कर रही है। आखिर विकास के दावे करने वाले जिम्मेदार इस बुनियादी जरूरत पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे? यह केवल लाइट की कमी का मामला नहीं है, बल्कि यह सुरक्षा, सुविधा और ग्रामीणों के सम्मान से जुड़ा सवाल है। अगर जल्द ही इस ओर कदम नहीं उठाए गए, तो यह अंधेरा केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों के विश्वास और उम्मीदों को भी निगलता चला जाएगा।अब जरूरत है कि संबंधित जिम्मेदार जागें, स्थिति का संज्ञान लें और जल्द से जल्द स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि रामनगर की जीटी ग्राम सभा एक बार फिर रोशनी में सांस ले सके।




