
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त राजधानी के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ईस्ट विनोद नगर स्थित डीटीसी डिपो से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय ई-बस सेवा की शुरुआत, मदनपुर खादर बस टर्मिनल का लोकार्पण और डिपो के नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि देश और दिल्ली विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ वातावरण और आधुनिक परिवहन सुविधाएं देना है। उन्होंने बताया कि नई बसों में बड़ी संख्या “देवी बसों” की है, जो संकरी गलियों और दूरदराज इलाकों तक पहुंचकर लोगों को सुविधा देंगी।
उन्होंने कहा कि दिल्ली-रोहतक ई-बस सेवा शुरू होने से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, जबकि मदनपुर खादर बस टर्मिनल यात्रियों को बेहतर और व्यवस्थित सुविधाएं प्रदान करेगा। साथ ही, ईस्ट विनोद नगर डिपो में बने नए प्रशासनिक भवन में बायोमेट्रिक सिस्टम और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जिससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में 4000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। इसके तहत निजी वाहनों को प्रोत्साहन, रोड टैक्स में छूट और स्कूल व कमर्शियल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक में बदलने की योजना शामिल है।
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए उन्होंने ओखला में ‘ईवी वेस्ट डिस्पोजल प्लांट’ स्थापित करने की योजना का भी ऐलान किया, ताकि ई-वाहनों की बैटरियों का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सके।
वहीं, परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने इसे दिल्ली के परिवहन क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार से प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि डीटीसी की आय में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 173 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
इलेक्ट्रिक बसों से मजबूत होगा परिवहन तंत्र
नई 200 बसों के शामिल होने के बाद दिल्ली का कुल बस बेड़ा 6300 से अधिक हो गया है, जिसमें 4500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें हैं। सरकार का लक्ष्य 2028-29 तक इस संख्या को बढ़ाकर 14,000 तक पहुंचाना है। इन बसों में सीसीटीवी, पैनिक बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं मौजूद हैं।
दिल्ली-रोहतक ई-बस सेवा शुरू
नई अंतरराज्यीय सेवा आईएसबीटी कश्मीरी गेट/पीरागढ़ी से टिकरी बॉर्डर होते हुए बहादुरगढ़ और रोहतक तक चलेगी। इससे पहले दिल्ली-सोनीपत, पानीपत और अन्य रूटों पर भी ई-बस सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं।
मदनपुर खादर में आधुनिक टर्मिनल
मदनपुर खादर स्थित नए बस टर्मिनल में बस बे, यात्री शेड, पार्किंग, टॉयलेट, रैंप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां से विभिन्न रूटों पर कुल 22 बसों का संचालन प्रस्तावित है।
ईस्ट विनोद नगर डिपो में नया प्रशासनिक भवन
डिपो में बने नए भवन में 23 कक्ष, कैंटीन, विश्राम कक्ष और दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाएं हैं। साथ ही फायर सेफ्टी के लिए 50 हजार लीटर क्षमता का टैंक और जल संरक्षण के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी स्थापित किया गया है।



