
- जन जान की आवाज पंकज झां की कलम से ✍️✍️
वाराणसी। चेतगंज थाना क्षेत्र में लहुराबीर पुलिस चौकी के ठीक पीछे हमारे देश के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद जिसे (उपन्यास सम्राट) भी कहा जाता है की मूर्ति लगी हुई है जहां पर शाम होते ही मूर्ति के अगल-बगल अंधेरा छा जाता है लहुराबीर चौराहा वाराणसी के अति व्यस्त चौराहा में से एक है इस मार्ग से आए दिन किसी ने किसी बड़े नेता या समाज सेवक एवं जनप्रतिनिधियों का आना-जाना लगा रहता है लेकिन इसके बावजूद चौराहे पर लगी हमारे देश के महान लेखक मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा की तरफ किसी का ध्यान नहीं जा रहा है शाम होते ही प्रतिमा के पास अंधेरा होने की वजह से बाहर से आने वाले श्रद्धालु एवं पर्यटक को उनकी मूर्ति साफ नहीं दिखाई देती, जिससे अनुमान लगाना मुश्किल होता है कि यह मूर्ति किसकी है, जिस वाराणसी शहर को पूरी तरह से साफ सुथरा और लाइटों से जगमग कर दिया गया वहीं लहुराबीर चौराहे पर मूर्ति के पास इस तरह अंधेरा होना मन को व्यथित करता है हम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध करते हैं कि वहां पर अगर लाइट की व्यवस्था कर दी जाए तो दूसरे राज्य एवं देश से आने जाने वाले श्रद्धालु और पर्यटक हमारे देश के महान लेखक (उपन्यास सम्राट) के वाराणसी में लमही गांव में स्थित उनके जन्मस्थली और उनके जीवन के बारे में जान सकेंगे।




