
- रिपोर्ट: अमित कुमार
अयोध्या। जनपद अयोध्या में एक अनोखा और सराहनीय मामला सामने आया है, जहाँ डॉ. आशीष पाठक ने पारंपरिक पुरानी विधि का इस्तेमाल करते हुए एक युवक के हाथ की टूटी हुई हड्डी का सफल इलाज कर दिया। खास बात यह रही कि इस उपचार में डॉक्टर ने न तो किसी प्रकार की दवा दी गई और न ही प्लास्टर लगाया गया, फिर भी युवक के हाथ की हड्डी ठीक हो गई।
बताया जा रहा है कि 21 वर्षीय शिवम् मिश्रा पुत्र जितेंद्र कुमार मिश्रा निवासी जनपद बहराइच जो अयोध्या राम मंदिर दर्शन हेतु आया था इसी दौरान युवक का एक हादसे के दौरान एक हाथ में चोट लग गई जिससे उसके हाथ में फेक्चर हो गया जिसे अयोध्या में आरोग्य अस्पताल में दिखाया जहां से युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं रेफर युवक सोमवार की दोपहर जिला चिकित्सालय अयोध्या की इमरजेंसी ओपीडी पहुंचा जहां ड्यूटी पर तैनात ईएमओ डॉ आशीष पाठक ने युवक को देखा और उन्होंने युवक को बिना किसी इंजेक्शन और दवा के ही पुरानी विधि से हाथ की हड्डी को ठीक कर दिया जिसके बाद युवक का हाथ सामान्य तरीके से उठने लगा। वहीं डाक्टर के इस सफल प्रयास की सभी ने सराहना किया। जबकि डॉ. पाठक ने अपनी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और अनुभव के आधार पर युवक का उपचार किया। उन्होंने बिना किसी दवा और प्लास्टर के विशेष तकनीक से हड्डी को सही स्थिति में लाकर उपचार किया।

कुछ ही समय में युवक की हालत में सुधार होने लगा और अब वह सामान्य रूप से चल-फिर पा रहा है। इस अनोखे इलाज की चर्चा क्षेत्र में तेजी से हो रही है और लोग डॉ. आशीष पाठक की इस विधि की सराहना कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने समय में भी इसी प्रकार की पारंपरिक विधियों से हड्डियों का इलाज किया जाता था, जिसे आज के समय में बहुत कम लोग अपनाते हैं। ऐसे में डॉ. आशीष पाठक द्वारा इस पद्धति का सफल प्रयोग करना एक सराहनीय पहल मानी जा रही है।
क्षेत्र के लोगों ने डॉ. आशीष पाठक के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे मानव सेवा की मिसाल बताया है





